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21 July शहीद दिवस की वर्चुअल सभा की जोरदार तैयारी, लोगो जारी

बंगाल मिरर, राज्य ब्यूरो, कोलकातातृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के नेतृत्व में प्रत्येक वर्ष कोलकाता में होनेवाले 21 July शहीद दिवस का आयोजन इस बार भी कोरोना संकट के कारण नहीं हो पा रहा है। वर्चुअल सभा के माध्यम से सोशल मीडिया पर ही दीदी के नेतृत्व में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जायेगी। हालांकि दीदी ने प्रत्येक बूथ स्तर पर श्रद्धांजलि सभा करने का निर्देश दिया है। लेकिन प्रत्येक वर्ष की तरह कोलकाता में होनेवाली भव्य सभा का आयोजन नहीं हो पा रहा है। जिसमें लाखों की तादाद में लोग पूरे राज्य से जुटते थे। इसके लिए पहले से ही तैयारियां भी शुरू हो जाती थी।

21 July शहीद दिवस

इस बार प्रचंड जीत से उत्साहित टीएमसी 2024 लोकसभा के मद्देनजर अन्य राज्यों में भी निगाहें टिका रही है। इस बार 21 July शहीद दिवस को लेकर उत्तर प्रदेश समेत देश के अन्य राज्यों में प्रसारण की व्यवस्था की जा रही है। कोरोना महामारी के मद्देनजर तृणमूल पिछले साल की तरह 21 जुलाई को वर्चुअल शहीद दिवस रैली करेगी. कार्यकर्ता समर्थकों के मन में वर्चुअल रैली को लेकर उत्साह बढ़ाने के लिए रैली का नया लोगो  जारी किया गया। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के फेसबुक अकाउंट पर लोगो का अनावरण किया गया। ” नए लोगो में 21 जुलाई को एक रैली में तृणमूल नेता ममता बनर्जी के बोलने की दो तस्वीरों का उपयोग किया गया है। मुख्य वक्ता ममता बनर्जी हैं।

दिल्ली में भी ममता बनर्जी का भाषण सुना जायेगा

देश की राजधानी दिल्ली में भी ममता बनर्जी का भाषण सुना जायेगा. पिछली बार की तरह इस बार भी 21 जुलाई को तृणमूल शहीद दिवस पर तृणमूल की सर्वोच्च नेता व मुख्यमंत्री ममता वर्चुअल रैली को संबोधित करेंगी. भाषण को दिल्ली में एलईडी स्क्रीन पर भी प्रसारित किया जाएगा। यह इस तरह की पहली पहल है. संसदीय दल की पहल पर ममता के भाषण को राजधानी में टीएमसी पार्टी कार्यालय में प्रसारित करने की व्यवस्था की गई है. तृणमूल के राज्यसभा उप-दल के नेता सुखेंदुशेखर रॉय ने कहा, ”कोरोना की स्थिति में शहीद दिवस पर फिर से वर्चुअल रैली होगी. हमारे दिल्ली कार्यालय में एलईडी स्क्रीन के साथ नेता का भाषण दिखाया और सुना जाएगा।”

ममता बनर्जी भी जख्मी हुयी थी

गौरतलब है कि 21 जुलाई को 1993 में तत्कालीन युवा कांग्रेस नेत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में राइटर्स अभियान किया गया था। ममता बनर्जी ने उस समय चुनाव में धांधली रोकने के लिए बिना मतदाता परिचय पत्र के मतदान न करने देने की मांग रखी थी। वहीं सही दस्तावेज जांच के साथ ही वोटर कार्ड बनवाने की मांग रखी थी। राइटर्स चलो अभियान के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु के निर्देश पर पुलिस ने आन्दोलनकारियों पर फायरिंग की थी। जिसमें 13 कार्यकर्ता मारे गये थे। वहीं आरोप लगा था कि पुलिस के साथ सीपीएम के गुंडों ने भी हमला किया था। इस हमले में ममता बनर्जी भी जख्मी हुयी थी।

दूसरी बार होगा 21 July शहीद दिवस का वर्चुअल आयोजन

इस घटना के 4 साल बाद ममता ने कांग्रेस छोड़कर एक जनवरी 1998 को तृणमूल कांग्रेस का गठन किया। इसके बाद राज्य में तीन दशक तक सत्तारूढ़ वाममोर्चा के खिलाफ लगातार आन्दोलन किया। 2011 में उनका आन्दोलन सफल हुआ। बंगाल की जनता के समर्थन से उन्होंने वाममोर्चा सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंका। वह राज्य की मुख्यमंत्री बनीं। 2016 में पुनः भारी बहुमत के साथ उनकी सरकार बनी। अब 2021 में प्रचंड जीत के साथ तीसरी बार सीएम बनीं। इस बार हैट्रिक लगाने से उत्साह है। यह अब तक के इतिहास में दूसरी बार होगा कि 21 July शहीद दिवस का वर्चुअल आयोजन होगा।

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