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SAIL ISP स्कूलों के निजीकरण का होगा पुरजोर विरोध : अशोक

बंगाल मिरर, बर्नपुर: बर्नपुर में सेल-आईएसपी के दो स्कूलों और उनके प्राथमिक अनुभागों को चलाने के लिए स्कूलों को निजीकरण किया जा रहा है, इसके लिए विज्ञापन जारी किया गया और स्कूल चलाने वाले को आमंत्रित किया गया है। प्रतिष्ठित और अनुभवी भावी बोलीदाताओं से आईएसपी में प्राथमिक अनुभागों के साथ 2 (दो) स्कूलों के संचालन के लिए अपनी रुचि व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया गया है, बर्नपुर बॉयज हाई स्कूल-हायर सेकेंडरी (बीबीएचएस-एचएस) और बर्नपुर गर्ल्स हाई स्कूल-हायर सेकेंडरी (बीजीएचएस-एचएस) जो पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड, पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और पश्चिम बंगाल उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध हैं।

उनमें बर्नपुर बॉयज स्कूल में लगभग 700, बर्नपुर बॉयज प्राइमरी के 300, बर्नपुर गर्ल्स स्कूल में 600 और गर्ल्स प्राथमिक स्कूल में 260 बच्चियां पढ़ती है। तथा उनके वार्षिक फीस न मात्र के है, जिसमें एससी, एसटी, आईएसपी कर्मियों के बच्चों को पैसा नहीं लगता है, कॉन्ट्रेक्टर कर्मियों को 30 रुपये सालाना, महिला समाज के 180 और नॉन आईएसपी का 720 रुपये सालाना फीस लगता है। यदि यह स्कूल निजीकरण हो गए तो स्कूल संचालन करने आने वाले अपनी मर्जी के अनुसार फीस लगेगी, जो बहुत अधिक होगी। वही इसके विरुद्ध पार्षद सह शिक्षक नेता अशोक रुद्र आंदोलन की तैयारी में जुट गए है।

उन्होंने कहा कि आईएसपी के स्कूल वर्षों से चल रही है, लगभग 2000 विद्यार्थी पढ़ते है, उनके फीस नाम मात्र का है, जो बच्चों के अभिभावकों के लिए काफी सहूलियत होती है, लेकिन अचानक इन स्कूल को निजीकरण किया जा रहा है, जो चिंता की बात है। इन विद्यार्थियों का क्या होगा। सेल आईएसपी का आधुनिकीकरण हो रहा है, 35 हजार करोड़ से अधिक राशि आ रही है, फिर भी इन स्कूलों को निजीकरण किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि जिस तरह से रेलवे स्कूल को बंद होने से आंदोलन कर बचाया गया था। इसी तरह से आईएसपी स्कूलों की निजीकरण करने से बचाया जाएगा। इसके लिए सोमवार से आन्दोलन होगा।

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