Asansol : CCTV ढंक 18 लाख की चोरी, न खिड़की टूटी न दरवाजा
बंगाल मिरर, रूपनारायणपुर। सलानपुर थाना अंतर्गत रूपनारायणपुर फाँड़ि क्षेत्र के बीडीओ ऑफिस के बगल स्थित डायमंड पार्क में एक बंद फ्लैट में दुस्साहसिक चोरी की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। चोरी की यह घटना इतनी सुनियोजित थी कि घर के बाहर से न तो ताला टूटा और न ही खिड़कियाँ टूटीं। मकान मालिक को शक है कि चोरी में कोई अपना ही शामिल है।














फ्लैट मालिक अमित कुमार ने बताया कि उनके दादाजी के निधन के कारण पूरा परिवार 14 नवंबर को जमशेदपुर चला गया था। घर का चाबी उन्होंने अपने एक करीबी दोस्त को सौंप दिया था। दोस्त ने बताया कि उन्होंने उसी फ्लैट में एक दिन पार्टी की थी, लेकिन जाते समय गलती से सीसीटीवी कैमरे का स्विच बंद कर दिया।अमित कुमार ने जब मोबाइल पर देखा कि सारे कैमरे बंद हैं तो उन्होंने तुरंत दोस्त को फोन किया और कैमरे चालू करवाए। उस समय तक घर में कोई चोरी नहीं हुई थी। अगले दिन जब उन्होंने फिर कैमरे चेक किए तो कैमरे तो चालू थे, लेकिन कोई तस्वीर नहीं दिख रही थी। शक होने पर उन्होंने दोस्त और पड़ोसियों को फोन किया।
पड़ोसी और दोस्त जब मौके पर पहुँचे तो देखा कि सारे सीसीटीवी कैमरों पर कपड़ा लटका दिया गया था। इसके बाद उन्होंने चाबी से दरवाजा खोला तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए। कमरों में सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी से सोने-चाँदी के गहने और नकदी गायब थे।अमित कुमार के अनुसार चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 18 लाख रुपये है, जिसमें लगभग 16 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने और 2 लाख रुपये नकद शामिल हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि चोर घर के अंदर कैसे घुसे, इसका कोई सुराग नहीं मिला। न तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा और न ही कोई खिड़की क्षतिग्रस्त हुई।
अमित बाबू ने कहा, “चाबी सिर्फ मेरे दोस्त के पास थी। बाहर से कोई निशान नहीं है। मुझे लगता है कि चोरी में कोई जान-पहचान वाला ही शामिल है।”सूचना मिलते ही रूपनारायणपुर फाँड़ि की पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का मुआयना किया। मकान मालिक ने पुलिस से निष्पक्ष और गहन जाँच की माँग की है। फिलहाल रूपनारायणपुर फाँड़ि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज बरामद करने और चोरी में इस्तेमाल संभावित डुप्लीकेट चाबी की तलाश की जा रही है।इलाके में इस दुस्साहसिक चोरी से लोगों में दहशत है और पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चोर बिना निशान छोड़े घर के अंदर कैसे दाखिल हुए।


