आसनसोल में गडे़री समाज का वार्षिक सम्मेलन, छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान
बंगाल मिरर, आसनसोल: आसनसोल के उशाग्राम भगतपाड़ा स्थित शिव मंदिर प्रांगण में पश्चिम बंगाल गडे़री समाज की ओर से गडे़री समाज का वार्षिक सम्मेलन भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण रहा।सम्मेलन में समाज के शाखा अध्यक्ष नन्दकिशोर भगत, सचिव संदीप भगत, कोषाध्यक्ष सिंटू भगत, आसनसोल नगर निगम के एमएमआईसी दिव्येंदु भगत, सहित प्रमुख कार्यकर्ताओं में शिवा, पिंटू, शिवम् संदीप, एवं समस्त आसनसोल के भगत परिवार उपस्थित थे।














कार्यक्रम की जानकारी देते हुए गडे़री समाज आसनसोल शाखा के अध्यक्ष नंदकिशोर भगत ने बताया कि समाज को एकजुट रखने और संगठित करने के उद्देश्य से इस संगठन का गठन किया गया है। इसी उद्देश्य के तहत समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि समाज के लोग एक ही बैनर के नीचे संगठित होकर आगे बढ़ सकें।
उन्होंने गडेरी समाज के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि यह समाज अत्यंत प्राचीन है और परंपरागत रूप से भेड़ चराने का कार्य करता रहा है। उन्होंने धार्मिक और ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि ईसा मसीह भी भेड़ चराने का कार्य करते थे, वहीं इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने बनारस के मंदिरों और नालंदा विश्वविद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।किशोर कुमार भगत ने आगे कहा कि समय के साथ कार्य के आधार पर समाज अलग-अलग जातियों में विभाजित होता चला गया। जो लोग चमड़े का कार्य करने लगे वे मोची कहलाए, जबकि लकड़ी का कार्य करने वाले बढ़ई बन गए।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष आसनसोल में दूसरी बार इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है और इसका मुख्य उद्देश्य समाज को उसके इतिहास से जोड़ना और यह समझना है कि हम कहां थे और आज कहां खड़े हैं।कार्यक्रम में समाज के कई जाने-माने लोग उपस्थित रहे। साथ ही समाज के हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे सम्मेलन सफल और यादगार बन गया।


