SIR सुनवाई परेशान वोटर्स की कहानी !
बंगाल मिरर, दुर्गापुर/बर्नपुर : एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया को लेकर पश्चिम बर्धमान में लोगों की परेशानियां लगातार सामने आ रही हैं। दुर्गापुर के इस्पात नगरी की 75 वर्षीय दिव्यांग वृद्धा, जो वर्षों से 119 नंबर बूथ में मतदान करती आ रही थीं, अचानक 2002 की मतदाता सूची में नाम नहीं होने का हवाला देकर सुनवाई केंद्र बुला ली गई। चलने में असमर्थ वृद्धा को उनके दामाद के कंधे का सहारा लेकर सुनवाई में पहुंचना पड़ा। परिवार ने आरोप लगाया कि शारीरिक रूप से अक्षम होने के बावजूद घर पर सत्यापन न कर उन्हें केंद्र बुलाना अमानवीय है। इस पर राज्य के मंत्री प्रदीप मजूमदार ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि दिव्यांग मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश हो रही है। भाजपा ने भी इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से सवाल उठाने की बात कही है।














वहीं आसनसोल के हीरापुर क्षेत्र के वार्ड नंबर 78 के निवासी नारायण बहादुर छेत्री अपनी मां की गंभीर बीमारी के कारण नेपाल में होने से एसआईआर सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सके। उनकी पत्नी पुनम छेत्री सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर सुनवाई केंद्र पहुंचीं, लेकिन आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया। पुनम छेत्री का कहना है कि उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से अपने पति से बात कराने और सभी दस्तावेज जमा करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन अधिकारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया और खुद नारायण बहादुर छेत्री की उपस्थिति पर अड़े रहे। पुनम छेत्री ने इस प्रक्रिया को उत्पीड़न करार दिया है।


