I-PAC के दफ्तर और संचालक के घर ED की कार्रवाई पर बंगाल में उबाल, तृणमूल का सड़क पर विरोध, भाजपा का पलटवार
बंगाल मिरर | दुर्गापुर / कुलटी / आसनसोल | राजा बंद्योपाध्याय : कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक के कार्यालय और उसके संचालक के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के विरोध में गुरुवार को पूरे पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तापमान तेज हो गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आह्वान पर राज्यभर में तृणमूल कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए, जगह-जगह विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम किए गए।दुर्गापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम, अमित शाह का पुतला दहनदुर्गापुर के भिरिंगी मोड़ पर तृणमूल कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में राज्य के मंत्री प्रदीप मजूमदार भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की।














इस मौके पर मंत्री प्रदीप मजूमदार ने कहा कि एसआईआर के जरिए लोगों को डराने में नाकाम रहने के बाद अब ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका आरोप था कि भाजपा आई-पैक के कार्यालय और संचालक के घर से दस्तावेज़ “चुराने” की कोशिश कर रही है ताकि तृणमूल की चुनावी रणनीति हासिल की जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह से बंगाल पर कब्जा नहीं किया जा सकता और 2026 के विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा पहले भी बंगाल की कई विकास योजनाओं को “कॉपी” कर अपने राज्यों में लागू करने की कोशिश कर चुकी है, लेकिन वह असफल रही है।
कुलटी में भी सड़क जाम, मेयर परिषद की अगुवाई
ईडी की इस कार्रवाई के विरोध में आसनसोल नगर निगम की मेयर परिषद सदस्य इंद्राणी मिश्रा के नेतृत्व में कुलटी के डूबुरडिही इलाके में तृणमूल कांग्रेस ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।इंद्राणी मिश्रा ने कहा कि चुनाव आते ही भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर तृणमूल पर दबाव बनाने की कोशिश करती है, लेकिन इससे वह कभी सफल नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा के इस “अनैतिक” रवैये का विरोध सड़क से लेकर संसद तक किया जाएगा।
ममता बनर्जी की भूमिका पर भाजपा का हमला
ईडी की कार्रवाई की खबर मिलने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद आई-पैक के कार्यालय और उसके संचालक के आवास पर पहुंचीं और जांच एजेंसी की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।इस घटनाक्रम को लेकर आसनसोल दक्षिण की विधायक और भाजपा की राज्य उपाध्यक्ष अग्निमित्रा पाल ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब-जब केंद्रीय एजेंसियां भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करती हैं, तब-तब मुख्यमंत्री इस तरह सड़कों पर उतरती हैं—चाहे मामला राजीव कुमार का हो, फिरहाद हकीम का या मदन मित्र का।अग्निमित्रा पाल ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को कभी नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों, प्रताड़ित महिलाओं या वेतन वृद्धि की मांग कर रही आशा कर्मियों के लिए सड़क पर उतरते क्यों नहीं देखा गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आई-पैक कार्यालय से फाइलें और लैपटॉप ले जाने की घटना को बंगाल की जनता ने देखा है और अब वह “सच्चाई” समझ चुकी है।राजनीतिक संग्राम तेजआई-पैक पर ईडी की कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस इसे जहां राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, वहीं भाजपा इसे कानून अपना काम कर रहा है कहकर बचाव में उतरी है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर बंगाल की राजनीति में केंद्र बनाम राज्य की टकराव को और तीखा कर दिया है।


