वरिष्ठ पत्रकार परितोष सान्याल का निधन, शोक की लहर
बंगाल मिरर, आसनसोल : आसनसोल के वरिष्ठ पत्रकार परितोष सान्याल का शनिवार एक निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह लगभग 70 वर्ष के थे और अपनी पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। परितोष सान्याल सारा दिन पैदल घूम-घूम कर न्यूज कवर करते थे और पत्रकारिता के प्रति उनके मन में जो जज्बा था वह किसी भी नए पत्रकार को प्रेरित करता था।निधन पर आर्य समाज के प्रधान जगदीश केडिया, उद्योगपति नथमल शर्मा, बिजय शर्मा, समाज सेवा कृष्ण प्रसाद, आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष नरेश अग्रवाल सचिव शंभूनाथ झा, अध्यक्ष ओम बगड़िया, मुकेश तोदी, fosbecci के सुभाष अग्रवाल , आरपी खेतान, एसबीएफसीआई के जगदीश बागड़ी, वीके ढल्ल, समाजसेवी कृष्णा प्रसाद, क्रेडाई के बिनोद गुप्ता, कोलफील्ड टिंबर एसोसिएशन के संजय तिवारी, आसनसोल चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के गौरीशंकर अग्रवालश्रवण अग्रवाल, सतपाल सिंह कीर पिंकी, सिख वेलफेयर सोसाइटी के सुरजीत सिंह मक्कड़, जामुड़िया के समाजसेवी व व्यवसायी अजय खेतान, मर्चेंट चैंबर के निखिलेश उपाध्याय, रविपाल असी, महावीर स्थान के अरुण शर्मा, मारवाड़ी युवा मंच के सुदीप अग्रवाल, आनंद पारीक आदि ने गहरा शोक व्यक्त किया।














शिल्पांचल के विशिष्ट समाज सेवी और भाजपा के युवा नेता कृष्णा प्रसाद ने परितोष सान्याल(सान्याल काकू) के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि परितोष सान्याल सिर्फ पत्रकारों के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत थे। कृष्णा प्रसाद ने कहा कि सान्याल काकू ने यह दिखा दिया कि अगर किसी कार्य के प्रति सच्ची लगन हो तो उसे करने में उम्र कोई बाधा उत्पन्न नहीं करती। परितोष सान्याल के निधन पर कृष्णा प्रसाद ने उनके परिवार को सांत्वना दी और ईश्वर से प्रार्थना की कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। परितोष सान्याल के इस दुखद निधन की खबर से पूरे शिल्पांचल के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। इस बारे में आसनसोल के विशिष्ट समाज सेवी और भाजपा नेता कृष्णा प्रसाद ने भी परितोष सान्याल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि परितोष सान्याल जिन्हें वह सान्याल काकू कहकर बुलाते थे, सिर्फ पत्रकारों के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत थे जिस उम्र में लोग रिटायर होकर घर बैठ जाते हैं सान्याल काकू सिर्फ आसनसोल ही नहीं बल्कि पश्चिम बर्दवान जिले के विभिन्न इलाकों में घूम-घूम कर पत्रकारिता करते थे।
पत्रकारिता के प्रति उनके मन में जो जज्बा था वह किसी भी नए पत्रकार को भी पछाड़ सकता था। कृष्णा प्रसाद ने कहा कि सान्याल काकू ने यह दिखा दिया कि अगर किसी कार्य के प्रति सच्ची लगन हो तो उसे करने में उम्र कोई बाधा उत्पन्न नहीं करती। उन्होंने परितोष सान्याल यानी सान्याल काकू के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में सांत्वना दी और ईश्वर से प्रार्थना की कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।


