Lala को Supreme झटका ! चुनाव से पहले कईयों की बढ़ सकती है मुश्किलें
बंगाल मिरर, एस सिंह : पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित कोयला तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक बड़ी सफलता मिली है। उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने मंगलवार को इस मामले के मुख्य आरोपी अनूप माजी उर्फ लाला को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति दे दी है। abp digital की खबर के अनुसार:ED को मिली हिरासत की अनुमतिअनुप माजी लंबे समय से केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में हैं, लेकिन अब तक उन्हें हिरासत में नहीं लिया जा सका था। ईडी ने कोर्ट में दलील दी थी कि ‘कवच’ (Protection) के कारण वे लाला को हिरासत में लेकर पूछताछ नहीं कर पा रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने अब यह बाधा हटा दी है, जिससे जांच में तेजी आने की उम्मीद है।















केस का बैकग्राउंड और आरोप, तस्करी का जाल
: लाला पर आरोप है कि वह ECL (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड), CISF और रेलवे के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से कोयला खदानों से कोयला निकालकर तस्करी करता था। * करोड़ों का घोटाला: सीबीआई का दावा है कि इस तस्करी में जयदेव, गुरुपद, नीरोद और विनय मिश्रा जैसे लोग भी शामिल थे, जिनके संबंध राज्य और जिला स्तर के कई प्रभावशाली नेताओं से रहे हैं।
संपत्ति की कुर्की: इससे पहले सीबीआई उसकी संपत्तियों को कुर्क कर चुकी है और 2024 में आसनसोल की अदालत ने उसे आत्मसमर्पण करने का नोटिस भी जारी किया था।लाला का सफर: मछली व्यवसाय से कोयला माफिया तक * शुरुआत: पुरुलिया के रघुनाथपुर (नितुरिया) के एक गरीब परिवार में जन्मे अनूप माजी ने कभी मछली का व्यवसाय किया था। * अपराध की दुनिया: काम की तलाश में वह पश्चिम बर्द्धमान के सालानपुर आया, जहाँ से उसने कोयला तस्करी की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे इस काले कारोबार का बेताज बादशाह बन गया।
वर्तमान स्थिति * जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। * उसका साथी विनय मिश्रा अभी भी फरार है और विदेश में रह रहा है, जबकि जयदेव मंडल फिलहाल जमानत पर बाहर है। * अब तक लाला को कभी भी केंद्रीय एजेंसियों की हिरासत में नहीं भेजा गया था, लेकिन मंगलवार के आदेश के बाद यह पहली बार होगा जब ED उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी।

