Asansol Gurudwara Prabandhak Committee चुनाव स्थगित, विवाद पर अध्यक्ष का पलटवार पार्षद को लिया आड़े हाथ
बाहरी वोटर नहीं बनाएंगे , गुरुद्वारे को गलत हाथ में नहीं जाने देंगे : अमरजीत
बंगाल मिरर, आसनसोल: आसनसोल स्थित गुरु नानक नगर में गुरुवार को Asansol Gurudwara Prabandhak Committee के अध्यक्ष Amarjeet Singh Bharara की ओर से एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस मौके पर कमेटी से जुड़े सिख समाज के कई सदस्य उपस्थित थे।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमरजीत सिंह भरारा ने दो दिन पहले Gurcharan Singh Bharara द्वारा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी चुनाव को लेकर लगाए गए आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया।














उन्होंने कहा कि गुरचरण सिंह भरारा ने मतदाता सूची में धांधली का आरोप लगाया था ताकि उनके ग्रुप को फायदा पहुंच सके, लेकिन यह आरोप पूरी तरह निराधार है।अमरजीत सिंह भरारा ने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची वर्ष 2016 की सूची के आधार पर तैयार की गई है, जो उन्हें पूर्व प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष से मिली थी। 2016 से 2026 के बीच जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है उनके नाम सूची से हटाए गए हैं और जो युवक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं उनके नाम जोड़े गए हैं। इसके अलावा मतदाता सूची में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में मुर्गासोल और गोधूलि इलाके में गुरुद्वारे के नए भवन का निर्माण किया गया है और आज यह गुरुद्वारा पूरे बंगाल में एक दर्शनीय स्थल बन गया है। ऐसे में इस पर सवाल उठाना दुर्भाग्यजनक है।मतदाता सूची के मुद्दे पर अमरजीत सिंह भरारा ने कहा कि रेल पार क्षेत्र में तीन अलग गुरुद्वारे हैं और उनके मतदाता अलग हैं, इसलिए वे आसनसोल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव में मतदान नहीं कर सकते। आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले गुरचरण सिंह भरारा ग्रुप की ओर से उन इलाकों के लोगों को लाकर चुनाव समिति के चेयरमैन Anil Singh Gambhir से मतदाता सूची में शामिल करने की मांग की गई थी, जिसे नियमों के तहत संभव नहीं होने के कारण अस्वीकार कर दिया गया।
अमरजीत सिंह भरारा ने कहा कि यदि किसी पक्ष को मतदाता सूची को लेकर आपत्ति है तो पहले उसे पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा। इसी वजह से 6 मार्च को होने वाला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का चुनाव फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मतदाता सूची पूरी तरह सही नहीं हो जाती, तब तक चुनाव नहीं कराया जाएगा।





