Mamata Banerjee का आक्रामक रुख, SIR और चुनाव आयोग पर फिर बोला हमला, दंगा के लिए ठहराया जिम्मेदार
बंगाल मिरर, रानीगंज:पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को रानीगंज में आयोजित जनसभा में एक बार फिर चुनाव आयोग और SIR (मतदाता सूची पुनरीक्षण) के मुद्दे पर जोरदार हमला बोला। अंडाल के खांद्रा फुटबॉल मैदान में तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी कालोबरन मंडल के समर्थन में आयोजित इस सभा में ममता का अंदाज पूरी तरह आक्रामक नजर आया।सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने रघुनाथगंज में रामनवमी जुलूस के दौरान हुए विवाद को लेकर सीधे भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।














उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर अधिकारियों को हटाकर इलाके में हिंसा भड़काई। उन्होंने कहा कि “अधिकारियों को हटाकर दंगा कराया गया, इसके लिए भाजपा और चुनाव आयोग दोनों जिम्मेदार हैं।”मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग के नियंत्रण में प्रशासन हिंसा रोकने में विफल रहा। इस दौरान उन्होंने जनता से माफी भी मांगी और कहा कि इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए थीं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि “किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।”
ममता बनर्जी ने रामनवमी जुलूस में हथियार लेकर चलने के मुद्दे पर भी नाराजगी जताई और कहा कि इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अब उनके हाथ में प्रशासनिक शक्ति नहीं है, लेकिन वे इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाती रहेंगी।इसके अलावा, उन्होंने रानीगंज के धंसान (माइनिंग सब्सिडेंस) प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के पुनर्वास को लेकर बड़ा ऐलान किया। ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे परिवारों को दो फ्लैट और करीब 10 लाख रुपये तक की सहायता देगी। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 700 करोड़ रुपये खर्च कर 6 हजार फ्लैट बनाए जा चुके हैं और 4 हजार फ्लैट और निर्माणाधीन हैं।उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “जीवन सबसे कीमती है। अगर कभी बड़ा धंसान हुआ तो हजारों लोगों की जान जा सकती है। इसलिए आप लोग सुरक्षित जगह पर जाने के बारे में सोचें। सरकार हर संभव मदद करेगी, यहां तक कि शिफ्टिंग का खर्च भी उठाएगी।”
सभा के अंत में ममता बनर्जी ने भाजपा पर देश को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि “वे बंगाल को टारगेट कर रहे हैं, और मैं दिल्ली को टारगेट कर रही हूं। भाजपा को हटाना ही होगा।”कुल मिलाकर, रानीगंज की इस सभा में ममता बनर्जी ने चुनावी माहौल के बीच अपने विरोधियों पर तीखा हमला करते हुए जनता को सुरक्षा और विकास का भरोसा दिलाया।

