Changes From 1st April 2026 : सैलरी, टैक्स, बैंकिंग और रेलवे पर सीधा असर
बंगाल मिरर, विशेष संवाददाता : (Changes From 1st April 2026 ) वित्तीय वर्ष 2026-27 (FY27) की शुरुआत 1 अप्रैल से होने जा रही है और इसके साथ ही आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालने वाले कई बड़े वित्तीय और नियामकीय बदलाव लागू होंगे। इन बदलावों का असर टैक्स, सैलरी, बैंकिंग, रेलवे और एलपीजी कीमतों तक देखने को मिलेगा।














नए आयकर कानून की शुरुआत
सबसे बड़ा बदलाव नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 का लागू होना है, जो पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा। इस नए कानून के तहत टैक्स नियमों को सरल बनाया गया है—नियमों की संख्या 399 से घटाकर 190 और फॉर्म्स 511 से घटाकर 333 कर दिए गए हैं।ITR फाइलिंग और PAN नियमों में बदलावITR-3 और ITR-4 भरने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। वहीं PAN को आधार से लिंक करना अनिवार्य रहेगा, वरना PAN निष्क्रिय हो सकता है। नए नियमों के तहत कई लेन-देन में PAN दिखाना जरूरी होगा, हालांकि कुछ मामलों में सीमा बढ़ाई गई है।
सैलरी पर असर: हाथ में कम आएगी रकमनई श्रम संहिता लागू होने पर कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी घट सकती है। अब बेसिक सैलरी कुल वेतन का कम से कम 50% होना जरूरी होगा, जिससे PF में योगदान बढ़ेगा और हाथ में मिलने वाली राशि कम हो सकती है। हालांकि ग्रेच्युटी और कुछ भत्तों में फायदा भी मिलेगा।
HRA और टैक्स छूट में बदलाव
पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत HRA छूट के लिए अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे को भी मेट्रो शहरों की सूची में शामिल किया गया है, जिससे इन शहरों के कर्मचारियों को अधिक छूट मिलेगी।
बैंकिंग और ATM नियम बदलेंगे
बैंक ATM से कैश निकालने के नियमों में बदलाव करेंगे। कुछ बैंकों में फ्री ट्रांजैक्शन के बाद ₹23 तक चार्ज लगेगा। PNB जैसे बैंकों ने निकासी सीमा भी घटाई है।
रेलवे टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन नियम सख्त
अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी। इससे यात्रियों को पहले से योजना बनानी होगी।
LPG और FASTag कीमतों में बदलाव संभव
1 अप्रैल से LPG सिलेंडर के दाम में संशोधन हो सकता है। वहीं FASTag वार्षिक पास ₹3000 से बढ़ाकर ₹3075 कर दिया जाएगा।बीमा, प्रॉपर्टी और अन्य लेन-देन पर असरबीमा, होटल बिल, प्रॉपर्टी और वाहन खरीद जैसे कई क्षेत्रों में PAN नियमों को बदला गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और टैक्स चोरी पर लगाम लगाने की कोशिश की जाएगी।कुल मिलाकर, 1 अप्रैल से लागू होने वाले ये बदलाव आम आदमी की जेब और वित्तीय प्लानिंग दोनों को प्रभावित करेंगे। इसलिए नए नियमों को समझना और समय रहते तैयारी करना बेहद जरूरी है।
