Asansol – Durgapur वाम – ISF के 9 उम्मीदवारों का नामांकन, रैली में शक्ति प्रदर्शन
बंगाल मिरर, पश्चिम बर्धमान: पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर और आसनसोल में बुधवार को वाम मोर्चा उम्मीदवारों ने बड़े पैमाने पर नामांकन दाखिल किया। इस दौरान रैली और शक्ति प्रदर्शन भी देखने को मिला।














दुर्गापुर में महकुमा शासक (एसडीओ) कार्यालय में वाम मोर्चा के चार उम्मीदवारों ने एक साथ नामांकन पत्र जमा किया। इनमें दुर्गापुर पूर्व से सीमांत चट्टोपाध्याय, दुर्गापुर पश्चिम से प्रभास साईं, रानीगंज से नारायण बाउरी और पांडवेश्वर से प्रवीर मंडल शामिल हैं। सभी उम्मीदवार समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ जुलूस निकालकर एसडीओ कार्यालय पहुंचे और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन दाखिल किया।
वहीं आसनसोल में भी वाम दलों ने अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर नामांकन प्रक्रिया पूरी की। फॉरवर्ड ब्लॉक, सीपीआई और आईएसएफ के साथ मिलकर सीपीएम उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। आसनसोल उत्तर से सीपीआई उम्मीदवार अखिलेश प्रसाद सिंह ने एसडीओ (सदर) कार्यालय में नामांकन किया। वहीं आसनसोल दक्षिण से सीपीएम उम्मीदवार शिल्पी चक्रवर्ती ने जिला अधिकारी (डीएम) कार्यालय में अपना पर्चा दाखिल किया।
इसके अलावा बाराबनी से आईएसएफ उम्मीदवार विश्वजीत उर्फ बापी बाउरी, कुल्टी से फॉरवर्ड ब्लॉक के भवानी आचार्य और जमुड़िया से सीपीएम उम्मीदवार मोहम्मद सब्बीर हुसैन ने भी डीएम कार्यालय में नामांकन पत्र जमा किया।
नामांकन से पहले आसनसोल में जीटी रोड स्थित बीएनआर इलाके में रवींद्र भवन के सामने से एक विशाल रैली निकाली गई, जिसका नेतृत्व सीपीएम के राज्य कमिटी सदस्य पार्थ मुखोपाध्याय ने किया। इस रैली में बड़ी संख्या में वाम समर्थक और कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस दौरान वाम उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में राज्य में कोई ठोस विकास नहीं हुआ है। उनका कहना है कि तृणमूल कांग्रेस ने जनता से कई वादे किए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया। वहीं पार्थ मुखोपाध्याय ने कहा कि राज्य की जनता ने तृणमूल कांग्रेस के साथ-साथ केंद्र की भाजपा सरकार को भी देख लिया है और अब दोनों से उम्मीद खत्म हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि वाम दल हमेशा शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क और महिला सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों को प्राथमिकता देते आए हैं और इस चुनाव में भी इन्हीं मुद्दों को जनता के सामने रखा जाएगा। वाम नेताओं का दावा है कि इस बार जनता का समर्थन उन्हें मिल रहा है और चुनाव में बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

