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NJCS बैठक 18 को, इस्पात कर्मियों को 53 महीनों से है इंतजार

बंगाल मिरर, एस सिंह, बर्नपुर :स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) कर्मचारियों के वेतन समझौते को लेकर नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर द स्टील इंडस्ट्री( NJCS) की बैठक आगामी 18 मई को वर्चुअल होगी। सेल प्रबंधन की ओर से इडी केके सिंह की ओर (NJCS) सदस्यों को बैठक के लिए पत्र जारी कर दिया गया है।

यह एनजेसीएस की 289 वीं बैठक होगी। कोरोना काल में यह पांचवां मौका है, जब यूनियन प्रतिनिधि व सेल प्रबंधन के अधिकारी सेल कर्मियों के वेतन समझौते के मुद्दे पर आमने-सामने होंगे। इसके पहले हुई बैठकों में प्रबंधन के अड़ियल रुख के कारण मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। वेतन समझौता न होने से इस्पात कर्मियों में आक्रोश बढ़ रहा है। बीते 53 महीने से समझौता बकाया है। वहीं प्रबंधन द्वारा अधिकारियों को अप्रत्यक्ष तौर पर आर्थिक भत्ता दिया जा रहा है।

SAIL लाभ में तो वेतन समझौता क्यों नहीं

बीते 24 अप्रैल को  SAIL CHAIRPERSON के साथ केन्द्रीय यूनियन नेताओं की वर्चुअल बैठक में सेल चेयरपर्सन सोमा मंडल ने बैठक के दौरान कहा था कि कंपनी 15 फीसदी एमजीबी, 35 फीसदी वैरिएबल पर्क्स तथा 9 फीसदी पेंशन फंड में नहीं दे पायेगी। उन्होंने एमजीबी को 10 से बढ़ाकर 11 फीसदी करने का प्रस्ताव दिया। प्रबंधन का कहना है कि सेल कर्मियों के वेतन समझौता के लिए एक हजार करोड़ का फंड का आवंटन किया गया है। उससे अधिक राशि का बजट नहीं है। वहीं यूनियनें 15 फीसदी एमजीबी, 35 फीसदी वैरिएबल पर्क्स तथा 9 फीसदी पेंशन फंड में देने की मांग पर अड़ी है।

वेतन समझौता ना होने से कर्मियों में बढ़ रहा आक्रोश

गौरतलब है कि अधिकारी एवं कर्मचारी संवर्ग का पे रिवीजन एक जनवरी 2017 से लंबित है। वहीं रिवीजन के विलंब होने से कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वहीं यूनियन के प्रति भी कर्मियों में नाराजगी है। विभिन्न सोशल मीडिया पर सेल के कर्मचारी अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। कर्मियों का कहना है कि जब कोरोना संकट में सारे देश में लॉकडाउन था उस समय भी इस्पात कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया और कंपनी फायदे में होने के बावजूद उनलोगों को उचित वेतन समझौता करने में आनाकानी की जा रही है।

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