NJCS Sub Committee Latest News Update : एरियर का मामला लटका,  कोर्ट के फैसले का करना होगा इंतजार

बैठक बेनतीजा समाप्त, अगली बैठक सितंबर में

बंगाल मिरर, एस सिंह, बर्नपुर : NJCS Sub Committee meeting Latest News : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ( SAIL )  के हजारों कर्मचारियों का बकाया 39 माह का एरियर , एचआरए आदि विषयों पर आज चल रही एनजेसीएस सब – कमेटी की बैठक में फैसला होने की उम्मीद है । हालांकि प्रबंधन बढ़ते खर्च और कर्ज का रोना रो रही है। अनुमान जताया जा रहा है कि करीब तीन से पांच लाख रुपए तक की राशि का भुगतान प्रत्येक कर्मी को होगा । एरियर राशि का भुगतान कब तक किया जाएगा , इसे लेकर फुल एनजेसीएस में सब कमेटी में फैसला करने को कहा गया था। लंच के बाद बैठक शुरू, लेकिन कोई निष्कर्ण नहीं निकला, बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई। अगली बैठक सितंबर में होगी। 

39 महीने के बकाया एरियर को लेकर मामला उलझ गया है । बंगाल मिरर ने पहले ही आशंका जताई थी कि मामला कोर्ट में जाने के कारण बैठक में कुछ होना संभव नहीं होगा, ठीख वैसा ही हुआ।  सेल प्रबंधन ने एरियर भुगतान पर स्पष्ट कहा कि बीएमएस मामले को लेकर कोर्ट गया है । यह न्यायिक प्रक्रिया में है । यह बात सुनते ही सभी यूनियन नेताओं ने आपत्ति दर्ज कराई । पूर्व में किए गए वादे की याद दिलाई । काफी – कहासुनी के बाद प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि वर्तमान तिमाही का रिजल्ट देखने के बाद फैसला किया जाएगा । बातचीत का दौर जारी रहेगा । इसे बंद नहीं किया जाएगा । मामला कोर्ट में भी चल रहा है । इसको नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है । 

इंटक डीएसपी के संयोजक रजत दीक्षित ने बताया कि 1) प्रबंधन ने 1.4.20 से संचित बकाया के साथ नए वेतनमान का भुगतान करने का प्रस्ताव रखा। अक्टूबर में भुगतान की गई सितंबर की पेस्लिप में श्री हरजीत सिंह और अन्य यूनियनों ने इसका कड़ा विरोध किया। अंतत: भुगतान करने का निर्णय लिया गया कि अगस्त में सितंबर में भुगतान किया गया।

2) 39 माह के बकाया एवं एचआरए के संबंध में प्रबंधन ने चालू तिमाही की अंतिम तिमाही एवं प्रथम माह में वित्तीय दबाव स्थापित करने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाए। उन्होंने चालू वित्त वर्ष में इस तिमाही के पहले महीने तक 13 हजार करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ दिखाया। इसके अलावा, उत्पाद शुल्क में वृद्धि हुई है जिससे सेल पर बोझ बढ़ गया है। यूनियनों ने कड़ा विरोध किया और बातचीत जारी रही। लेकिन कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। प्रबंधन ने बहाना बनाया कि बीएमएस कोर्ट में गया है और इसलिए यह एक विचाराधीन मामला है।

 हरजीत सिंह ने अपने साहसिक तर्क रखे और याद दिलाया कि प्रबंधन इंटक के अध्यक्ष डॉ रेड्डी जी के सामने बकाया भुगतान करने के लिए सहमत हो गया था। अब वही प्रबंधन अलग-अलग बहाने के आधार पर इसे नकार नहीं सकता। अंत में प्रबंधन ने बातचीत जारी रखने और आने वाली तिमाहियों में वित्तीय स्थिति को देखते हुए किश्तों में बकाया भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की।39 माह की बकाया राशि, एचआरए व अन्य लंबित मुद्दों के संबंध में बिना किसी अंतिम निष्कर्ष के बैठक समाप्त हुई। अगली बैठक सितंबर ’22 में होने की संभावना है।

वहीं एनजेसीएस सदस्यों ने एचआरए का मुद्दा उठाया । प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि इस पर अब तक कोई फॉर्मूला नहीं है । फॉर्मूला बनाने के बाद चर्चा की जाएगी । सेल प्रबंधन ने पर्क्स के एरियर पर स्पष्ट रूप से बोल दिया है कि सितंबर से इसका भुगतान किया जाएगा । इसी तरह अधिकारियों के तर्ज पर कर्मचारियों के आवास किराया में 50 प्रतिशत की छूट की मांग की गई । प्रबंधन ने कहा कि यह मामला एनजेसीएस में आया नहीं है । यूनियन नेताओं ने कहा- हम तो लेकर आ रहे हैं । प्रबंधन ने इस मामले को भी डायरी में नोट किया है । फुल एनजेसीएस की बैठक में यह विषय उठाया जाएगा । लंच के बाद दोबारा बैठक शुरू होगी ।

 

कल ही ठेका मजदूरों के लिए हुई सब – कमेटी में प्रबंधन ने अपना आंकड़े पेश कर दिये है । पहले लिए गए कर्ज की अदायगी  के बाद बताया गया कि अभी भी पुराना कर्ज 13 हजार करोड़ बकाया  है । वहीं वर्तमान समये में  कंपनी की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए 12 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया गया है । सेल की यूनिटों में प्रोजेक्ट के कार्य भी चल रहे हैं । इस्पात उत्पादन की बढ़ती लागत और लाभ  में कमी की वजह से बजट बिगड़ रहा इसलिए  12 हजार करोड़ का नया कर्ज लेना पड़ा है ।  

NJCS Sub Committee meeting Latest News बैठक में इंटक से हरजीत सिंह एचएमएस से राजेंद्र सिंह , सीटू से विश्वरूप बनर्जी , एटक से डी . आदिनारायण हुए हैं। वहीं बीएमएस ने बैठक का बहिष्कार किया है । बीएमएस द्वारा ओडिशा हाईकोर्ट में मामला भी किया गया है। जिस पर दस अगस्त को प्रबंधन अपना पक्ष रखेगा।  कंपनी को हुए नुकसान की बात कही जा रही है । इसके बाद बकाया एरियर , एचआरए , एचआरए रिकवरी आदि विषयों पर चर्चा शुरू होगी ।

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