SAIL ISP में 35 हजार करोड़ का निवेश होगा : बीपी सिंह
CISF द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
बंगाल मिरर, बर्नपुर : इस्को स्टील प्लांट बर्नपुर की सीआइएसएफ इकाई द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन बुधवार को आसनसोल के एक होटल में किया गया। कार्यशाला का विषय स्टील सेक्टर की सुरक्षा था। जिसमें पूरे भारतवर्ष के स्टील प्लांट के सीआइएसएफ यूनिट के मुख्य प्रतिनिधि शामिल हुए। दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत दीप जलाकर मुख्य अतिथि आइएसपी और डीएसपी के डीआइसी बीपी सिंह ने किया।















कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में डीआइसी बीपी सिंह ने कहा स्टील सेक्टर में सीआइएसएफ बहुत ही अच्छा कार्य कर रही है। सीआइएसएफ को सिर्फ स्टील ही नही एयरपोर्ट, संसद भवन सहित अन्य जगह पर नियुक्त किया गया है। अभी हाल ही में मेडिकल कालेज में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सुरक्षा के लिए सीआइएसएफ को नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि कही भी किसी भी सेक्टर में सीआइएसएफ की नियुक्ति के बाद कोई समस्या नहीं होती है। भारतीय अर्थ व्यवस्था में बहुत बड़ा बदलाव देखा गया है। वर्ष 2026-27 में आइएसपी बड़ा प्लांट होगा। 2047 तक देश विकसित भारत होगा। छह से सात प्रतिशत तक जीडीपी विकास दर होगी। इसमें स्टील क्षेत्र में भी विकास होगा। भारत सरकार की योजना है कि 11 लाख करोड़ का निवेश स्टील क्षेत्र में हो। 60 प्रतिशत इंफ्रास्ट्रक्चर स्टील सेक्टर में विकास आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि 2017 स्टील नीति में भारत सरकार ने 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य 2030 तक निर्धारित किया हैं। स्टील पालिसी के तहत सुरक्षा का भी बंदोबस्त करना हैं। निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सभी स्टील प्लांट कार्य कर रहे है। इसी के तहत ही सेल में सबसे पहले आइएसपी का विस्तारीकरण हो रहा है, जिसमें पहले की 2.5 से बढ़कर चार मिलियन टन के लिए स्वीकृति मिली है। इसमें 35 हजार करोड़ का निवेश होगा। इसके बाद दुर्गापुर स्टील प्लांट में एक मिलियन टन विस्तार करने के स्वीकृति मिली हैं। जबकि उसके बाद बोकारो स्टील प्लांट में तीन मिलियन टन का विस्तार होगा। राउरकेला स्टील प्लांट में जमीन को लेकर थोड़ा विवाद है, उसे सुलझने के बाद वहां भी विस्तार होगा। वर्तमान और भविष्य में काफी चुनौती भी आने वाली है। जिसमें से सुरक्षा बड़ी चुनौती बनने वाली है। इन सब में सीआइएसएफ की अहम योगदान होगी।
कार्यशाला में आधुनिक तकनीक के साथ स्टील सेक्टर के प्लांटों में सुरक्षा के लिए सीआइएसएफ की भूमिका और सुरक्षा में अत्याधुनिक कम खर्च में कौन सी नई तकनीक को अपनाया जाए इन विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यशाला के मुख्य वक्ता के रूप में सीआइएसएफ के नार्थ ईस्ट सेक्टर दो के आइजी डा. शिखर सहाय, आइपीएस एडीजी नार्थ कुंदन कृष्णा, एनआइटी दुर्गापुर के प्रोफ़ेसर रौद्र घटक, डीसी फायर दीपक सवालखिया और डीजीएम इसीआईएल हैदराबाद आशीष कुमार उपस्थित थे। कार्यशाला के आयोजन में सीआइएसएफ बर्नपुर इकाई के डीआइजी प्रबोध चंद्र का विशेष योगदान था।
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