ASANSOL-BURNPURReader's Cornerसाहित्य

“नारी: जीवन की अनमोल कड़ी”



“नारी, तुम जीवन का संगीत,
हर रूप में प्रेम, हर रूप में प्रीत।
माँ, बहन, संगिनी, सखी,
प्रेमिका, गुरु—तुम स्नेह की लिखी।
हर छाया में, हर साए में,
तुम बसी हो जीवन की राहों में।”



  *”माँ: ममता की छाँव”*

“तेरी गोद से मिली हमें दुनिया,
तेरी बाहों में था प्रेम का गहना।
तेरी लोरी में सजे थे सपने,
तेरी बातों में बसे थे अपने।
तेरी ममता से सजी है काया,
तेरी दुआओं ने हर दुख मिटाया।
स्नेह का झरना, अटूट बंधन,
माँ, तेरा प्यार है अमिट जीवन!”



  *”पत्नी: संगिनी जीवन की”*

“संग चली तू हर मुश्किल राह,
हर पल तेरा संग है चाह।
सुख-दुःख में, हँसी-बातों में,
तेरा साथ हर हालातों में।
तेरी नज़र में बसता संसार,
तेरी हँसी में चाँद का सार।
संगिनी, तुम प्रेम का दीप,
हर रात में तुम बनी संगीत।”



*”बहन: बचपन की परछाई”*

“खिलखिलाती, रूठती, मनाती,
हर छोटी बात में प्यार जताती।
बचपन की यादों में तेरा नाम,
तेरे संग खेले अनगिनत शाम।
हर लड़ाई में छिपा था प्यार,
तेरा रिश्ता है स्नेह अपार।
बहन, तू घर का उजियारा,
तेरी हँसी लगे सितारा।”

*”प्रेमिका: हृदय की धड़कन”*

“तू जो आई, रंग बदल गए,
सपनों के मोती पलकों पे सज गए।
तेरा स्पर्श जैसे पहली बारिश,
तेरी मुस्कान जैसे चाँदनी तारों में।
प्रेम का धागा, आत्मा का मेल,
तू मेरी कविता, तू मेरा खेल।
तेरे बिना अधूरी कहानी,
प्रेमिका, तू जीवन की रानी।”


*”गुरु: ज्ञान की रोशनी”*

“हर राह का तूने दिया उजाला,
अंधेरे में जलता तेरा दीपक आला।
शब्दों से सिखाया सत्य का मार्ग,
तेरी सीख से मिला सच्चा सार।
गुरु, तेरा कर्ज चुकाना कठिन,
तेरा ज्ञान है अनमोल रतन।
तेरी वाणी से मिलता प्रकाश,
तू है जीवन की सच्ची आस।”


*”मित्र: आत्मा की परछाई”*

“हर दुःख में तेरा सहारा,
हर हँसी में तेरा उजियारा।
बिन कहे समझे हर बात,
तेरा साथ मिले हर हालात।
मित्रता की बुनियाद अनमोल,
तेरा प्यार है सबसे अनुकूल।
हर जीवन में चाहिए एक सखी,
जो बने हर मुश्किल की रुकी।”


*”नारी: सम्मान का अधिकार”*

“फिर भी क्यों तेरा दर्द अनसुना?
तेरी मेहनत, तेरा हक क्यों खोना?
क्यों दुनिया तुझे कम आँकती है?
तेरी शक्ति को क्यों न पहचानती है?
आओ मिलकर करें ये प्रण,
नारी का मान बने उसका कण।
तेरे बिना अधूरी ये सृष्टि,
तेरे बिना अधूरा है दृष्टि।”




   *”नारी को समर्पित एक प्रण”*

“आज का दिन तुझे समर्पित है,
तेरी महिमा अपरम्पित है।
तेरा सम्मान सर्वोपरि हो,
तेरी हर राह उजली हो।
न्याय मिले, अधिकार मिले,
हर ग़लत को इनकार मिले।”


*अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शुभकामनाएँ!*

“हे नारी, तुझे शत-शत नमन,
तेरा योगदान है अमर स्मरण।
तेरी हर भूमिका है अनुपम,
तेरा हर रूप है अविरल संगम।
तू न होती तो जीवन अधूरा,
तेरे बिना ये संसार ही अधूरा।
तेरी शक्ति को शीश नवाएँ,
तेरे गौरव का गान सुनाएँ!”

*”सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएँ!*
*दुनिया एक दिन तुझे तेरा हक़ देगी!”*

.कवि: सुशील कुमार सुमन
अध्यक्ष, आईओए
सेल आईएसपी बर्नपुर

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