“धैर्य न खोएं, मानसिक तनाव न लें, हम आपके साथ हैं : ममता बनर्जी
बंगाल मिरर, कोलकाता: ( West Bengal News In Hindi ) सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल में 2016 के एसएससी पैनल से नियुक्त 26,000 शिक्षकों और अशिक्षक कर्मचारियों की नौकरियां एक झटके में रद्द कर दी गई हैं। कोर्ट ने पूरे पैनल को अवैध करार देते हुए इसे बरकरार रखने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद ‘योग्य’ उम्मीदवारों की नौकरी जाने पर सवाल उठने लगे हैं। प्रभावित लोगों के समर्थन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी 7 अप्रैल को नेताजी इंडोर स्टेडियम में एक बैठक बुलाने का ऐलान किया है, जिसमें शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव और वकील भी मौजूद रहेंगे। ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा, “धैर्य न खोएं, मानसिक तनाव न लें। आप दोबारा आवेदन कर सकते हैं। हम आपके साथ हैं।” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को मानवता के आधार पर स्वीकार करने में असमर्थता जताई। ममता ने सवाल उठाया, “स्कूलों का भविष्य क्या होगा? दो-चार लोगों की गलती की सजा सभी को क्यों दी जाए?” उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले तीन महीनों में नई भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।




यह मामला तब शुरू हुआ जब भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोपों पर कोलकाता हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने पूरे पैनल को रद्द करने का आदेश दिया था, जिसे राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। लेकिन शीर्ष अदालत ने भी हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और ‘अयोग्य’ कर्मचारियों को वेतन लौटाने का निर्देश दिया। ममता ने कहा, “मानवता के नाते मैं इस फैसले को स्वीकार नहीं कर सकती। हमारे पास कोई दस्तावेज नहीं थे। अगर होते, तो हम जांच कर सकते थे। आत्मरक्षा का एक मौका मिलना चाहिए था।”
उन्होंने स्कूलों में कर्मचारी संकट की ओर इशारा करते हुए कहा, “ये लोग स्कूलों में पढ़ाते हैं। स्कूलों का क्या होगा? बंगाल को कितना निशाना बनाएंगे? क्या बीजेपी का लक्ष्य बंगाल की पूरी व्यवस्था को ध्वस्त करना है?” ममता ने बीजेपी और वकील बिकाश भट्टाचार्य पर निशाना साधते हुए कहा, “बिकाश बाबू ने केस किया, जिसके कारण इतनी नौकरियां गईं। वे दुनिया के सबसे बड़े वकील हैं। नोबेल पुरस्कार के लिए सिफारिश करूंगी।”
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी, “अगर ये लोग ठप पड़ गए, तो बीजेपी और सीपीएम भी चल नहीं पाएंगे। कोई घटना हुई, तो जिम्मेदारी आपकी होगी। इसका जवाब आपको मिलेगा।” उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है। 7 अप्रैल को होने वाली बैठक में ममता खुद मौजूद रहेंगी और नई भर्ती प्रक्रिया को तीन महीने में पूरा करने का वादा किया।