ASANSOL

Asansol रामनवमी शोभायात्रा के लिए जाना पड़ा हाईकोर्ट, तालाब भराई पर कार्रवाई नहीं

बंगाल मिरर, आसनसोल : , पश्चिम बंगाल आसनसोल साऊथ पुलिस फाड़ी अंतर्गत कुमरपुर के कलिकापुरसैरपाड़ा इलाके मे सचेतन हिंदू समाज पिछले 60 से 70 वर्षों से आयोजन होने वाली रामनवमी पूजा इस वर्ष भी बहुत धूम -धाम से मना रही है, 2024 मे सचेतन हिंदू समाज द्वारा रामनवमी पूजा के साथ -साथ एक शोभा यात्रा निकाली गई थी। जिस शोभा यात्रा को आयोजन करने के लिये पुलिस या फिर जिला प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की कोई आपत्ति भी नही जताई गई थी, ऐसे मे इस वर्ष 2025 मे 6 अप्रैल को सचेतन हिंदू समाज द्वारा आयोजन होने वाली रामनवमी की पूजा याचना पर प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की कोई आपत्ति तो नही जताई जा रही पर इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान रामनवमी की शोभायात्रा निकालने पर अपनी असहमति जताने का काम जरूर किया है,

 यहीं नही इलाके मे विशेष समुदाय होने के कारण धार्मिक अनुष्ठान के दौरान माइकिंग करने व धार्मिक गानो को बजाने पर अपनी आपत्ति जताते हुए, एक समय सीमा बाँध दी है, उनको यह सख्त निर्देश देते हुए यह कहा गया है की वह सुबह 11 बजे के बाद से माइकिंग या फिर धार्मिक गाने बजायें, वह इस लिये की सुबह से विशेष समुदाय का कार्यक्रम चलता है जो कार्यक्रम 11 बजे तक समाप्त हो जाता है, विशेष समुदाय के कार्यक्रम मे किसी तरह की कोई दिक्क़त और समस्या ना आए इस लिये रामनवमी पूजा के अनुष्ठान के दौरान प्रशासन द्वारा ना तो माइकिंग के लिये और ना ही धार्मिक गानो को बजाने के लिये अनुमति दी गई, यहाँ तक की इलाके से निकलने वाला रामनवमी के शोभायात्रा पर भी रोक लगा दिया गया, जिस रोक के खिलाफ सचेतन हिंदू समाज ने 30 मार्च को पहले तो पुलिस और जिला प्रशासन को लिखित आवेदन देकर प्रशासन का आदेश प्राप्त करने की कोसिस की जब प्रशासन ने मामले मे अपनी असहमति जताई तो हिंदू सचेतन समाज मे कोलकाता उच्च न्यालय का दो अप्रैल को दरवाजा खटखटाया, जहाँ मामले की सुनवाई हुई और चार अप्रैल को कोलकाता उच्च न्यालय ने रामनवमी की शोभायात्रा निकालने के लिये सचेतन हिंदू समाज को आदेश जारी किया।

 जिस आदेश को लेकर सचेतन हिंदू समाज के ओर से महिमा कुमारी सिंह ने अपने अन्य सहकार्मियों के साथ मिलकर बीएनआर स्थित कॉफी हॉउसमे एक संवाददाता सम्मलेन किया और उन्होंने कोलकाता उच्च न्यालय के आदेशों को पत्रकारों के सामने रखा और यह कहा की उन्होंने यह कभी सोंचा भी नही था की उनको रामनवमी की सोभायात्रा के लिये अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ जायेगा, साथ मेउन्होने यह भी कहा की इलाके में विशेष समुदाय को पुलिस और जिला प्रशासन भरपूर समर्थन दे रही है, इलाके का एक तालाब भी  अवैध रूप से कब्ज़ा कर लिया है और उसपर बॉउंड्रीवाल कर दिया है, जिसका उन्होंने आसनसोल नगर निगम और जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भी की बॉउंड्री तोड़ने का आदेश भी हुआ पर कोई कार्रवाई नही हुई, ऊपर से उनके खिलाफ आवाज उठाने वालों को झूठे केश मे फंसाकर जेल भेजने का काम किया जा रहा है, यही कारण है की आज सचेतन हिंदू समाज के हक और उनके अधिकारों को दिलवाने के लिये महिलाओं को आगे आना पड़ रहा है।

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