ASANSOL

Asansol Scam Tahseen के एजेंट हुए अंडरग्राउंड, पुलिस कर‌ रही तलाश, जांच में 2000 से अधिक निवेशकों की मिली जानकारी

बंगाल मिरर, आसनसोल आसनसोल में 350 करोड़ रुपये के चिटफंड घोटाले ने एक नया मोड़ ले लिया है। मुख्य आरोपी तहसीन अहमद के एजेंट अचानक से गायब हो गये है और अंडरग्राउंड होने की बात कही जा रही है। आसनसोल उत्तर थाना पुलिस ने इसकी तलाश तेज कर दी है, ।‌यह घोटाला करीब 3,000 परिवारों को प्रभावित कर चुका है, जो शारदा और रोज वैली जैसे पुराने घोटालों की याद दिला रहा है।

File photo

घोटाले का खुलासा पिछले महीने हुआ, जब एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्होंने तहसीन अहमद के ‘माशाल्लाह ऑफर’ नामक स्कीम में पहले 3 लाख रुपये निवेश किए, जिस पर अच्छा रिटर्न मिला। इसके बाद 41 लाख रुपये और लगाए, लेकिन उसके बाद कोई भुगतान नहीं हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि तहसीन ने बिना लाइसेंस वाली कंपनी के जरिए 14% मासिक रिटर्न का लालच देकर हजारों लोगों से 350 करोड़ रुपये की ठगी की। 20 अक्टूबर को तहसीन फरार हो गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए।

26 अक्टूबर को पुलिस को बड़ी सफलता मिली, जब तहसीन को भागते हुए एक गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 500 ग्राम सोना (लगभग 60 लाख रुपये मूल्य का) बरामद हुआ। तहसीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अल्पसंख्यक विंग के पूर्व-प्रेसिडेंट शकील अहमद उर्फ मास्टर शकील का बेटा है। कोर्ट ने उसे 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया, जहां पूछताछ में उसने कई राज उगले।

पूछताछ के दौरान सूत्रों के मुताबिक, उसके एजेंट रेलपार जहांगीरी मोहल्ला क्षेत्र के साथ ही अन्य इलाकों में सक्रिय थे और निवेशकों को लुभाने का काम संभालते थे।”टीएमसी ने घोटाले से दूरी बनाए रखने की कोशिश की है। टीएमसी अल्पसंख्यक सेल के आसनसोल जिला अध्यक्ष सैयद महफूजुल हसन ने कहा, “शकील अहमद का 2023 में ही पार्टी से कोई संबंध नहीं है। यह व्यक्तिगत मामला है, और हम दोषियों की गिरफ्तारी चाहते हैं।”विपक्षी भाजपा ने इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की है। वही नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “3 साल से तहसीन 3,000 निर्दोष परिवारों को लूट रहा था। यह टीएमसी की संरक्षण वाली ठगी का नमूना है।” इस घोटाले ने राज्य में आर्थिक अपराधों पर बहस छेड़ दी है। । पीड़ितों को सलाह दी जा रही है कि वे तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। ।

वहीं पुलिस सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार अभी तक जांच में 2000 से अधिक निवेशकों की जानकारी सामने आई है जिन्होंने करीब 50‌ करोड़ रुपए निवेश किए हैं। अब रिमांड अवधि पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगा कि पुलिस ने क्या कारवाई की। वहीं पुलिस अन्य आरपियों की भी तलाश कर रही है।यह मामला एक बार फिर सतर्कता का संदेश देता है कि पोंजी स्कीम्स से सावधान रहें।

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Mr. Chandan | Senior News Editor Profile Mr. Chandan is a highly respected and seasoned Senior News Editor who brings over two decades (20+ years) of distinguished experience in the print media industry to the Bengal Mirror team. His extensive expertise is instrumental in upholding our commitment to quality, accuracy, and the #ThinkPositive journalistic standard.

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