Asansol AG Church School Controversy:धारा 144 के बीच रात के अंधेरे में ताला तोड़ने का आरोप, हंगामा, टकराव की आशंका
बंगाल मिरर, आसनसोल, पश्चिम बंगाल, 2 नवंबर 2025: पश्चिम बंगाल के आसनसोल साउथ पुलिस फाड़ी अंतर्गत एलआईसी कार्यालय के निकट स्थित एजी चर्च (Assembly of God Church) में प्रबंध समिति द्वारा लगाए गए ताले को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे विवाद ने शनिवार रात को नया मोड़ ले लिया। धारा 144 लागू होने के बावजूद रात के अंधेरे में अंसुमन और कैलाश नामक दो व्यक्तियों पर चर्च के दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने का आरोप लगा। रविवार को प्रार्थना के उद्देश्य से उन्होंने चर्च की सफाई भी शुरू करवा दी, जिससे प्रबंध समिति के सदस्यों में आक्रोश फैल गया।














चर्च के प्रबंध समिति को इसकी सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने चर्च के बाहर के गेट को खोलने की अपील की, लेकिन चर्च के पहरेदारों ने उनकी एक न सुनी। इसके बाद प्रबंध समिति के सदस्यों ने मुख्य गेट के सामने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की स्थिति देखकर आखिरकार पहरेदारों ने गेट खोला। इस बीच अंसुमन और कैलाश मौके से फरार हो गए।
ताला टूटा देख प्रबंध समिति के सदस्यों ने पहरेदारों से सवाल किया कि वे किसके आदेश पर चर्च में किसी को घुसने दिए। पहरेदारों का कहना था कि अंसुमन और कैलाश जबरन अंदर घुसे और ताला तोड़कर सफाई शुरू कर दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि रविवार से चर्च में प्रार्थना होगी।
प्रबंध समिति के सदस्यों ने इसे सोची-समझी साजिश करार दिया। उनका आरोप है कि ताला तोड़ने वाले व्यक्ति एजीएनआई (Assembly of God North India) के नाम पर चर्च पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। वे बाहरी लोगों को इकट्ठा कर प्रबंध समिति के सदस्यों को झूठे मामलों में फंसाने की योजना बना रहे हैं। समिति के एक सदस्य ने बताया, “यह सब धारा 144 लगवाने और रात के अंधेरे में ताला तोड़वाने की साजिश का हिस्सा है, ताकि वे चर्च पर पूरी तरह कब्जा कर सकें। हम ऐसा होने नहीं देंगे।”
प्रबंध समिति ने एजीएनआई के नाम पर अवैध कब्जा करने वालों, प्रबंध समिति के कुछ सदस्यों और बाहरी लोगों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने ताला तोड़ने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की और चर्च के मुख्य गेट के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
दूसरी ओर, पुलिस ने धारा 144 का हवाला देकर प्रबंध समिति के सदस्यों को चर्च परिसर से हटाने की कोशिश की। पुलिस ने चेतावनी दी कि यदि वे मौके से नहीं हटे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और पुलिस ने इलाके में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
यह विवाद एजीएनआई और स्थानीय प्रबंध समिति के बीच संपत्ति और नियंत्रण को लेकर पिछले कई महीनों से चल रहा है। चर्च, जो 1963 में स्थापित हुआ था, अब दो गुटों में बंटा हुआ है। समिति के सदस्यों का कहना है कि वे न्याय के लिए लड़ते रहेंगे, लेकिन आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक पूरा मामला सुलझ न जाए। पुलिस मामले की जांच कर रही है, और आगे की कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है।


