INTUC का जोरदार विरोध प्रदर्शन: नए श्रम कानूनों के खिलाफ मजदूरों का हल्ला बोल
बंगाल मिरर, एस सिंह, बर्नपुर : केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए श्रम कानूनों (Labour Codes) के खिलाफ इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC) ने बर्नपुर स्थित सेल आईएसपी स्कोब गेट पर विशाल प्रदर्शन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में मजदूरों ने हिस्सा लिया। इंटक ने इन नए कानूनों को “मजदूर विरोधी” और “धोखाधड़ी” करार देते हुए इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की है।














इंटक से संबद्ध आसनसोल आयरन एंड स्टील वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष हरजीत सिंह ने कहा की आंदोलन की मुख्य मांग है श्रम कानूनों की वापसी: वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा से संबंधित चारों लेबर कोड्स को रद्द किया जाए। रोजगार सुरक्षा: ‘हायर एंड फायर’ (भर्ती करो और निकालो) की नीति पर रोक लगे और छंटनी की सीमा को 100 से बढ़ाकर 300 करने के फैसले को वापस लिया जाए। * न्यूनतम वेतन: राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन ₹26,000 प्रति माह निर्धारित किया जाए।
निजीकरण पर रोक: SAIL समेत सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के विनिवेश और निजीकरण की प्रक्रिया को बंद किया जाए। * पेंशन और सुरक्षा: असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों सहित सभी के लिए निश्चित पेंशन और सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ये कानून मजदूरों के 150 वर्षों के कड़े संघर्ष के बाद मिले अधिकारों को छीनने का प्रयास हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन कानूनों को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और भी उग्र बनाया जाएगा।
इस दौरान यूनियन महासचिव विप्लव माजी, विजय सिंह, अजय राय ,अशोक श्रीवास्तव ,मोहम्मद अनवर ,अजय दुबे, प्रदीप शाह, विवेकानंद कुमार ,दीपक कुमार, धर्मेंद्र यादव आदि समेत सैकड़ों इंटक सदस्य उपस्थित थे।


