खास काजोड़ा कोलियरी इलाके में धंसान, हड़कंप मचा
बंगाल मिरर, अंडाल: पश्चिम बर्दवान जिले के अंडाल अंतर्गत खास काजोड़ा कोलियरी इलाके में रविवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय लोगों ने बस्ती से मात्र 50 से 100 मीटर की दूरी पर एक विशालकाय गड्ढा देखा। जमीन धंसने की इस घटना से इलाके में भारी तनाव है और डरे हुए ग्रामीण अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।














घटना का विवरण
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रविवार तड़के अचानक तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई। धंसान का दायरा इतना बड़ा है कि स्थानीय किसानों के उपजाऊ खेत भी इसकी चपेट में आ गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही ईसीएल (ECL) के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
ईसीएल प्रबंधन का बयान
मौके पर पहुंचे खस काजोड़ा कोलियरी के मैनेजर प्रभाकर कुमार पासवान ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया:
”यह क्षेत्र काफी पुरानी खदान के ऊपर स्थित है। संभवतः खदान की गहराई कम थी, जिसके कारण आज यह धंसान हुई है। हम प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था कर रहे हैं।”
तृणमूल कांग्रेस ने ईसीएल पर साधा निशाना
घटनास्थल पर पहुंचे तृणमूल कांग्रेस नेता विष्णुदेव नोनिया ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर ईसीएल प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- ईसीएल को बार-बार चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने पुराने गड्ढों की ‘सैंड पैकिंग’ (बालू और राख भरना) नहीं की।
- प्रबंधन की उदासीनता के कारण लोग मौत के साए में जीने को मजबूर हैं।
- नोनिया ने सवाल उठाया कि ईसीएल अपने कर्मचारियों के लिए तो आवास की व्यवस्था कर देता है, लेकिन उन गरीब किसानों और निवासियों का क्या होगा जो पिछले 40 वर्षों से यहाँ खेती कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं?
वर्तमान स्थिति
धंसान वाले क्षेत्र को ईसीएल ने असुरक्षित घोषित कर दिया है। स्थानीय लोगों में प्रशासन और कोलियरी प्रबंधन के खिलाफ भारी रोष है। ग्रामीण अब स्थायी पुनर्वास और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
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