आसनसोल संस्कृति उत्सव और फिल्म फेस्टिवल 2026, 26 से 29 जनवरी तक
बंगाल मिरर, आसनसोल :;कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ़ बंगाल की तरफ से आज आसनसोल के रविंद्र भवन के पास कॉफी हाउस में आसनसोल में आसनसोल संस्कृति उत्सव और फिल्म फेस्टिवल 2026 के बारे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। यहां संगठन के अध्यक्ष तथा आसनसोल के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी और कई सांस्कृतिक हस्तियां उपस्थित थीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जितेंद्र तिवारी ने बताया कि आसनसोल फिल्म फेस्टिवल पिछले साल आयोजित किया गया था।














इस साल, “आसनसोल संस्कृति उत्सव और फिल्म फेस्टिवल 2026” अपनी परंपरा को बनाए रखते हुए आयोजित किया जा रहा है, जो 26 जनवरी से शुरू होकर 29 जनवरी तक चलेगा। जितेंद्र तिवारी ने बताया कि उत्सव के दौरान बंगाली, हिंदी और उर्दू फिल्में दिखाई जाएंगी, साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला भी आयोजित की जाएगी। जितेंद्र तिवारी ने बताया कि कुछ सांस्कृतिक हस्तियों ने कार्यक्रम को पुनर्निर्धारित करने का अनुरोध किया था, जिसके कारण यह फिर से आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पास की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि इस बार कार्यक्रम स्थल पर शैलजानंद मुखर्जी का एक सेल्फी पॉइंट भी बनाया जाएगा। जितेंद्र तिवारी ने कहा कि पिछले साल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया था जिसकी अपार सफलता को देखते हुए इस बार भी संस्कृति प्रेमी लोगों के अनुरोध पर इसका आयोजन किया जा रहा है उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को बांग्ला फिल्म सोनार केल्ला से फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत होगी और 29 तारीख को जो आखिरी फिल्म दिखाई जाएगी वह होगी शोले क्योंकि शॉल को इस साल 50 साल पूरे हो रहे हैं इस दरमियां बांग्ला हिंदी और उर्दू की कई मशहूर फिल्में प्रदर्शित की जाएगी। इनमें पड़ोसन निकाह उत्तम कुमार के मशहूर बांग्ला फिल्म साड़े 74 जैसे और भी कई फिल्में होंगी ।
उन्होंने कहा कि इस साल उत्तम कुमार तथा संतोष का दत्त के 100 साल पूरे हो रहे हैं फिल्म फेस्टिवल को उनकी याद में आयोजित किया जाएगा और जो अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे उनको सुकांतो भट्टाचार्य और भूपेन हजारिका की याद में होंगे उन्होंने बताया कि सुकांतो भट्टाचार्य के 100 साल और भूपेन हजारिका के 101 साल पूरे हो रहे हैं। जितने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे वह उनकी याद में किए जाएंगे उन्होंने कहा कि इस आयोजन में आसनसोल के अलावा जमुरिया रानीगंज कुल्टी पांडवेश्वर बाराबनी इलाकों से भी बुद्धिजीवी शामिल हो रहे हैं







