NCLT में Asansol Club को झटका ! सोमनाथ – बिकास को राहत
बंगाल मिरर, आसनसोल : आसनसोल क्लब के वर्तमान प्रबंध और पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ बिस्वाल के बीच जारी टकराव में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), कोलकाता बेंच ने कंपनी याचिका संख्या 183/KB/2025 से जुड़े मामले में अहम आदेश जारी किया है। ट्रिब्यूनल ने याचिकाकर्ता संख्या 1 पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ बिस्वाल और याचिकाकर्ता संख्या 65 विकास भगत को अंतिम निर्णय तक सदस्यता से हटाने, निष्कासित करने या उनके अधिकारों से वंचित करने पर रोक लगा दी है।














ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा कि मामले के अंतिम निपटारे तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की जा सकती। इस दौरान हुई किसी भी बैठक या जारी किए गए पत्र को मुख्य याचिका के फैसले के अधीन माना जाएगा।एनसीएलटी ने माना कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कथित उत्पीड़न और कुप्रबंधन के प्रथम दृष्टया सबूत मौजूद हैं। यदि इस स्तर पर कार्रवाई की अनुमति दी जाती, तो इससे उन्हें अपूरणीय क्षति हो सकती थी।
इसी आधार पर ट्रिब्यूनल ने कंपनियों अधिनियम के तहत दायर अंतरिम आवेदन संख्या 265/KB/2025 को स्वीकार कर लिया है। साथ ही प्रतिवादियों को निर्देश दिया गया है कि वे दो सप्ताह के भीतर मुख्य याचिका पर अपना जवाब दाखिल करें।इसके बाद याचिकाकर्ताओं को भी दो सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर दाखिल करने का अवसर दिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च 2026 को तय की गई है।ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि यह आदेश विवाद के विषय को सुरक्षित रखने और न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
