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चुनावी शतरंज की बिसात बिछ चुकी है, एक ही सवाल गूंज रहा है: किस सीट से किसे मिलेगा टिकट?

बंगाल मिरर, विशेष संवाददाता : बंगाल की राजनीति में चुनावी शतरंज की बिसात बिछ चुकी है—अब हर चाल बेहद सोच-समझकर चली जा रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा भले ही अभी बाकी हो, लेकिन सियासी सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। मार्च के पहले सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम के ऐलान की संभावना के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में उम्मीदवारों को लेकर जबरदस्त गहमागहमी देखने को मिल रही है। पार्टी के भीतर और बाहर—हर जगह एक ही सवाल गूंज रहा है: किस सीट से किसे मिलेगा टिकट?

सूत्रों के मुताबिक टीएमसी इस बार उम्मीदवार चयन में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन से लेकर उभरते चेहरों तक, हर नाम को कठोर कसौटी पर परखा जा रहा है। कई विधानसभा क्षेत्रों में वर्तमान विधायकों के साथ-साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सेलिब्रेटी चेहरों और यहां तक कि पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों के नाम भी चर्चा में हैं।

इस पूरे समीकरण में सर्वे एजेंसियों की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। अलग-अलग एजेंसियां जमीनी हकीकत टटोलने में जुटी हैं—कौन नेता जनता के बीच कितना लोकप्रिय है, किस इलाके में सरकार के कामकाज का असर दिख रहा है और किस चेहरे से चुनावी नैया पार लग सकती है। बताया जा रहा है कि एबी टीम, आईपैक और खुफिया विभाग की रिपोर्ट भी पार्टी नेतृत्व के पास पहुंच रही हैं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इन सभी सर्वे रिपोर्टों को मिलाकर करीब 15 तारीख तक उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है। रणनीति यह है कि जैसे ही चुनाव की घोषणा हो, टीएमसी बिना देर किए अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दे और विपक्ष को तैयारी का ज्यादा वक्त न मिले।

इस बीच पार्टी के भीतर दावेदारों की बेचैनी साफ नजर आ रही है। कोलकाता से लेकर जिलों तक, नेताओं की दौड़-धूप बढ़ गई है। कोई जनसंपर्क तेज कर रहा है तो कोई पार्टी नेतृत्व तक अपनी “रिपोर्ट कार्ड” पहुंचाने में जुटा है।

एक बात तय है—इस बार टिकट वितरण केवल संगठनात्मक समीकरणों पर नहीं, बल्कि डेटा, सर्वे और जमीनी फीडबैक के त्रिकोण पर टिका होगा। ऐसे में कौन चेहरा बाज़ी मारता है और किसका पत्ता कटता है, इसका खुलासा अगले कुछ हफ्तों में होना तय माना जा रहा है।

विभिन्न एजेंसियों की ओर से किये जा रहे सर्वे में  इन नामों पर चर्चा हो रही है

आसनसोल  उत्तर : मलय घटक, अमरनाथ चटर्जी, आलापन बंद्योपाध्याय, सुदेष्णा घटक, गुरुदास चटर्जी,

आसनसोल दक्षिण : मनोज तिवारी (क्रिकेटर), ईमोन चक्रवर्ती ( गायिका), अशोक रूद्र

रानीगंज : बाबुल सुप्रियो, तापस बनर्जी, कबी दत्ता, पार्थ देवासी

जामुड़िया : हरेराम सिंह, सोनाली काजी, सुब्रत अधिकारी

कुल्टी : पर्नो मित्रा ( अभिनेत्री ), उज्जवल चटर्जी, मलय घटक

पांडवेश्वर : नरेन्द्रनाथ चक्रवर्ती, शुभश्री गांगुली, वी. शिवदासन, उत्तम मुखर्जी, 

बाराबनी: बिधान उपाध्याय, असित सिंह, मो. अरमान

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