West Bengal Assembly Election 2026 : BJP के 150 उम्मीदवार फाइनल !
वर्तमान विधायकों और पुराने कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता
बंगाल मिरर, विशेष संवाददाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास पर हुई अहम बैठक में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने करीब 150 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर लिए हैं। सूत्रों के अनुसार इस बार उम्मीदवार चयन में मौजूदा विधायकों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही पार्टी के पुराने और संगठन से लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी टिकट देने पर विशेष जोर दिया गया है।बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी मौजूद थे।














इसके अलावा केंद्रीय नेताओं में बिप्लब देब, सुनील बंसल, सतीश धोंड और अमित मालवीय भी बैठक में शामिल हुए।सूत्रों के मुताबिक, राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से 150 से अधिक सीटों पर उम्मीदवारों के नाम गुरुवार की बैठक में लगभग अंतिम रूप से तय कर लिए गए।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि वर्तमान विधायकों में से अधिकतर को फिर से टिकट मिल सकता है। चुनाव आयोग द्वारा जैसे ही चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी, भाजपा कम से कम 150 सीटों के उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है।पार्टी ने जीत की संभावना को देखते हुए विधानसभा सीटों को तीन श्रेणियों—A, B और C—में विभाजित किया है।
A श्रेणी में उन सीटों को रखा गया है जहां जीत की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है। इन सीटों पर केवल मजबूत और पुराने भाजपा नेताओं या कार्यकर्ताओं को ही उम्मीदवार बनाया जाएगा।C श्रेणी में वे सीटें हैं जहां जीत की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन पार्टी वहां भी चुनावी लड़ाई जारी रखेगी।
बैठक में यह भी तय हुआ कि उम्मीदवारों की सूची में पहले से जीत चुके उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को भी महत्व दिया जा रहा है। कुछ नए चेहरों को भी टिकट मिल सकता है, हालांकि वे सभी लंबे समय से संगठन से जुड़े बताए जा रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, अग्निमित्रा पाल को आसनसोल दक्षिण से और दिलीप घोष को खड़गपुर सदर से उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है। वहीं भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ किसे उम्मीदवार बनाया जाए, इस बारे में भी केंद्रीय नेतृत्व ने शुभेंदु अधिकारी से राय मांगी है।

