“मेरा खेल खत्म हुआ, कुल्टी में बोले TMC के पूर्व विधायक उज्जवल चटर्जी
बंगाल मिरर, कुल्टी (पश्चिम बर्धमान):पश्चिम बंगाल की राजनीति में कुल्टी विधानसभा से एक बड़ा बयान सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक उज्जवल चटर्जी ने टिकट कटने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मेरा खेल खत्म हो चुका है, लेकिन मैं पार्टी के साथ हूं।” उनके इस बयान ने इलाके की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।














तीन बार विधायक, मजबूत राजनीतिक आधार
उज्जवल चटर्जी उस समय से कुल्टी की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं, जब पश्चिम बर्धमान जिला अस्तित्व में नहीं आया था और पूरा क्षेत्र बर्धमान जिले का हिस्सा था। उस दौर में राज्य में वाम मोर्चा की सरकार थी, फिर भी वह तृणमूल कांग्रेस के एकमात्र मजबूत विधायकों में गिने जाते थे।वह 2006, 2011 और 2016 में लगातार तीन बार कुल्टी से विधायक चुने गए। इसके अलावा, वह चार बार कुल्टी नगर पालिका के चेयरमैन भी रह चुके हैं।
2021 में मामूली अंतर से हार
2021 के विधानसभा चुनाव में उज्जवल चटर्जी को बेहद करीबी मुकाबले में मात्र 600 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद उन्होंने कई बार सार्वजनिक रूप से पार्टी के भीतर गुटबाजी को इसका कारण बताया था।हार के बाद भी सक्रिय रहेचुनाव हारने के बावजूद उज्जवल चटर्जी पिछले पांच वर्षों में लगातार संगठन को मजबूत करने में जुटे रहे। उन्होंने कार्यकर्ता सभाएं, बैठकें और रैलियां आयोजित कर पार्टी को क्षेत्र में मजबूती देने का प्रयास किया।
2026 में टिकट कटने से बढ़ी चर्चा
हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए घोषित उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम नहीं होने से सभी चौंक गए। तीन बार के विधायक और चार बार के चेयरमैन होने के बावजूद उन्हें टिकट नहीं दिए जाने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
संयमित प्रतिक्रिया, लेकिन गहरे संकेत
टिकट न मिलने पर उज्जवल चटर्जी ने नाराजगी जताने के बजाय संयमित रुख अपनाया। उनका यह कहना कि “मेरा खेल खत्म हुआ, लेकिन मैं पार्टी के साथ हूं” यह संकेत देता है कि वह फिलहाल कोई बगावती कदम नहीं उठाएंगे, बल्कि संगठन के साथ बने रहेंगे।अब देखना यह है कि उज्जवल चटर्जी के समर्थक इस फैसले को कैसे लेते हैं और इसका कुल्टी विधानसभा के चुनावी समीकरण पर क्या असर पड़ता है।

