SAIL नए युग की शुरुआत: डॉ. अशोक कुमार पंडा संभालेंगे कमान
बंगाल मिरर, एस सिंह : भारत की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी Steel Authority of India Limited (SAIL) में शीर्ष नेतृत्व परिवर्तन को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। वर्तमान चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश के इस्तीफे के बाद 2 अप्रैल से सीएमडी का पद रिक्त हो रहा है। ऐसे में डॉ. अशोक कुमार पंडा को कंपनी का नया चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) नियुक्त करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी के बाद वे पदभार संभालेंगे और उनका कार्यकाल 2029 तक रहेगा।














डॉ. पंडा का चयन SAIL के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर इस्पात उद्योग दबाव में है और घरेलू प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। उनके सामने कंपनी को वित्तीय रूप से और मजबूत बनाने के साथ-साथ उत्पादन, लागत नियंत्रण और कर्मचारियों की अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाने की बड़ी चुनौती होगी।मजबूत अनुभव और वित्तीय सुधार की पहचानतीन दशकों से अधिक के अनुभव वाले डॉ. पंडा वर्तमान में SAIL के डायरेक्टर (फाइनेंस) हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कंपनी के कर्ज में लगभग ₹20,000 करोड़ की कमी लाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसे SAIL के वित्तीय पुनर्गठन की दिशा में अहम कदम माना जाता है।
करियर की मजबूत पृष्ठभूमि
डॉ. पंडा ने 1992 में SAIL में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने Rourkela Steel Plant से लेकर कॉर्पोरेट ऑफिस तक विभिन्न अहम पदों पर काम किया। भिलाई स्टील प्लांट में सीजीएम (फाइनेंस) और बाद में ईडी (फाइनेंस) के रूप में उनकी कार्यशैली को काफी सराहा गया। अप्रैल 2025 में उन्हें SAIL का डायरेक्टर (फाइनेंस) बनाया गया था।शिक्षा और नेतृत्व क्षमताडॉ. पंडा ने Xavier Institute of Management Bhubaneswar से फाइनेंस में पीजीडीएम किया है और बिजनेस फाइनेंस में पीएचडी भी की है। उनकी विश्लेषणात्मक सोच और शांत नेतृत्व शैली उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी प्रभावी निर्णय लेने में सक्षम बनाती है।
आने वाली चुनौतियाँ
नए CMD के रूप में उनके सामने कई अहम चुनौतियाँ होंगी—वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ावकच्चे माल की कीमतों में अस्थिरतापर्यावरणीय नियमों का पालनसंगठन की स्वायत्तता और सरकारी नीतियों के बीच संतुलनइसके साथ ही कर्मचारियों और अधिकारियों की उम्मीदों पर खरा उतरना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।नई उम्मीदों का दौरSAIL देश के औद्योगिक विकास का एक अहम स्तंभ है और इसके प्रदर्शन का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में डॉ. पंडा का नेतृत्व न केवल कंपनी बल्कि पूरे भारतीय इस्पात उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।IISCO Officers’ Association के अध्यक्ष सुशील कुमार सुमन ने उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में SAIL नई ऊंचाइयों को छुएगा और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ेगा।डॉ. अशोक कुमार पंडा के नेतृत्व में SAIL के इस नए अध्याय को उद्योग जगत में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

