मछली के साथ नामांकन यात्रा: पांडवेश्वर में जितेंद्र तिवारी का अनोखा संदेश
बंगाल मिरर, पांडवेश्वर : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमाया हुआ है। इसी बीच पांडवेश्वर से भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र तिवारी ने अपने नामांकन के दौरान एक अनोखा अंदाज़ अपनाकर सभी का ध्यान खींच लिया।तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा लगातार यह आरोप लगाया जा रहा है कि भाजपा के सत्ता में आने पर बंगालियों का प्रिय भोजन ‘मछली’ बंद कर दिया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर TMC जहां बंगाली भावनाओं को साधने की कोशिश कर रही है, वहीं इसका जवाब देने के लिए जितेंद्र तिवारी ने ‘मछली यात्रा’ के साथ अपनी नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत की।इस यात्रा में भाजपा कार्यकर्ता टोकरी में छोटी मछलियां लेकर शामिल हुए, जबकि प्रत्याशी के हाथ में एक बड़ी मछली देखी गई।














नामांकन यात्रा शुरू होने से पहले मछली की फूल और चंदन से पूजा भी की गई, जिसके बाद जुलूस के रूप में दुर्गापुर सब-डिविजनल ऑफिस पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया गया।बंगाली संस्कृति में मछली को शुभ माना जाता है और किसी भी शुभ कार्य से पहले इसका विशेष महत्व होता है। इसी सांस्कृतिक प्रतीक को अपनाकर जितेंद्र तिवारी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा बंगाली संस्कृति और खान-पान के खिलाफ नहीं है।इस पूरे आयोजन के जरिए भाजपा ने TMC के आरोपों को खारिज करने का प्रयास किया और यह दिखाने की कोशिश की कि पार्टी स्थानीय परंपराओं और भावनाओं का सम्मान करती है। पांडवेश्वर में यह ‘मछली वाली नामांकन यात्रा’ अब चर्चा का विषय बन चुकी है और चुनावी माहौल में एक नई बहस को जन्म दे रही है।

