ED: 54 FIR और 650 करोड़ का ‘गुंडा टैक्स’17.57 करोड़ नकद राशि, बैंक बैलेंस और कीमती सामान जब्त
ED की बड़ी कार्रवाई, चिनमय मंडल और किरण खान समेत 5 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
बंगाल मिरर, एस सिंह: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने अवैध कोयला खनन और जबरन वसूली से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ED ने 9 अप्रैल 2026 को विशेष PMLA अदालत में **चिनमय मंडल, किरण खान** और तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ **प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट)** दाखिल की है।














**54 FIR और 650 करोड़ का ‘गुंडा टैक्स’**
यह पूरी जांच दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL), CISF और स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज की गई **54 FIR** पर आधारित है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी एक संगठित कोयला सिंडिकेट चला रहे थे।
इस सिंडिकेट के काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला है: * **अवैध वसूली:** सिंडिकेट वैध कोयला खरीदारों और ट्रांसपोर्टरों से **275 रुपये से 1,500 रुपये प्रति टन** तक की अवैध वसूली करता था। * **रंगदारी टैक्स:** इस वसूली को स्थानीय स्तर पर **’GT’ (गुंडा टैक्स)** या **’रंगदारी टैक्स’** कहा जाता था। इसे छिपाने के लिए ‘हैंडलिंग चार्ज’ या ‘डोनेशन’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था।
* **भारी नुकसान:**
पिछले 5 वर्षों में इस सिंडिकेट ने केवल जबरन वसूली के जरिए **650 करोड़ रुपये** से अधिक की काली कमाई (Proceeds of Crime) जुटाई है।**छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति बरामद**ED की जांच के दौरान नवंबर 2025 और फरवरी 2026 में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान विभाग ने: * **17.57 करोड़ रुपये** की नकद राशि, बैंक बैलेंस और कीमती सामान जब्त किया। * भारी मात्रा में कोयला और कोक का स्टॉक बरामद किया। * डिजिटल डिवाइस, व्हाट्सएप चैट और लेवी (वसूली) की शीट जैसे पुख्ता सबूत हासिल किए।
शैल कंपनियों और रिश्वतखोरी का जाल
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने काली कमाई को सफेद करने के लिए कई फर्जी कंपनियों (Front Companies) का इस्तेमाल किया। साथ ही, कोयले के अवैध परिवहन को सुचारू रूप से चलाने के लिए **पश्चिम बंगाल सरकार के कुछ अधिकारियों और स्थानीय राजनीतिक नेताओं** को रिश्वत देने के प्रमाण भी मिले हैं।मुख्य आरोपी चिनमय मंडल और किरण खान को पहले ही **9 फरवरी 2026** को गिरफ्तार किया जा चुका है। ED ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है और कुछ अन्य बड़े नामों पर भी गाज गिर सकती है।

