बुनियादी मुद्दों से भटकाने के लिए फैलायी जा रही सांप्रदायिकता ः जितेन्द्र तिवारी

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बंगाल मिरर, आसनसोलः आसनसोल नगरनिगम के वार्ड संख्या 28 के जहांगिरी मोहल्ला में सोमवार की रात मेयर जितेन्द्र तिवारी के नेतृत्व में गरीबों में कंबल वितरण किया गया। इस मौके पर समाजसेवी कृष्णा प्रसाद, बोरो चेयरमैन गुलाम सरवर, पार्षद हाजी नसीम अंसारी, खुर्शीद इंजीनियर, दीपक गुप्ता, आदि मौजूद थे। इस मौके पर मेयर जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि जब-जब यहां पर आता हूं, यहां के लोगों का प्यार मुझे खींचकर लाता है, मेयर बनने के बाद पहली बार गुलाम सरवर लेकर आये थे। यहां उसके बाद हर वर्ष किसी ना किसी मौके पर आता हूं। मेरे मेयर के रूप में यह अंतिम ठंड है, जून-जुलाई माह में पांच साल पूरा हो जायेगा। अगर कोई कमी रह गयी तो जान बूझकर नहीं हुयी, सभी ने टीम के रूप में लोगों के हित के लिए कार्य करने का प्रयास किया। इन पांच वर्षों में काफी कुछ अच्छा और दर्दनाक घटनायें भी देखने को मिली। मेयर बनने के बाद जो पांच साल मिला, इसमें मुझे काफी कुछ सीखने को मिला। सभी को जिंदगी बहुत कुछ सिखा देती है। एसे लोगों को भी देखा जिनके लिए कभी कुछ नहीं किया, लेकिन इंसाफ की लड़ाई में मेरे साथ मजबूती में खड़े रहे, वहीं एसे लोग भी देखे जिनके लिए अपना जान न्यौछावर रखने का जज्बा रखते थे, लेकिन जरूरत में उनका चेहरा भी नहीं दिखा। कौन अपना कौन पराया यह पहचानने का मौका मिला। कुछ लोग एसे थे जिनके लिए मेहनत से काफी कुछ किया, लेकिन जरूरत पर अपना मुंह दूसरी ओर फेर लिया। उन्होंने कहा कि आसनसोल में आने के बाद यहां के लोगों को करीब से देखने की कोशिश की। सारे लोगों के दिमाग को पढ़ने की कोशिश की। इन पांच वर्षों में आसनसोल को मैनें जो पहचाना है, यहां के लोग प्यार के लिए पागल है, आप थोड़ा सा उनका लिए करें, वह आपके लिए अपना जान न्यौछावर कर देंगे। यहां के लोग चालाकी को पसंद नहीं करते। अगर कोई आवाम से चालाकी करता है तो सही समय पर यहां की जनता जवाब देगी।

उन्होंने कहा कि नौटंकी मास्टर ने आसनसोल के लोगों को ठगने का प्रयास किया है। इनसे हमें सावधान रहना है। ये हमारे अपने नहीं है, आसनसोल की जनता रोती-बिलखती रहे, इससे इन्हें कुछ फर्क नहीं पड़ता है। जब एसा नुमाइंदा संसद में पहुंच जाये जिसे लोगों का दर्द महसूस न हो तो यह परिस्थिति खतरनाक होती है। देश में भयंकर परिस्थिति है, केन्द्र सरकार देश को हिन्दू-मुसलमान के नाम पर बांटने की कोशिश कर रही है। हिन्दू को समझाया जा रहा है कि सच्चा हिन्दू बनने के लिए मुसलमान से नफरत करो और मुसलमान को हिन्दू से नफरत करने के लिए उकसाया जा रहा है। यह हर किसी के लिए खतरे की घंटी है। पहले हिन्दू-मुसलमान, फिर अमीर-गरीब और फिर जाति के नाम पर बांटा जायेगा, ताकि बुनियादी मुद्दों से लोगों का ध्यान हट जाये। रोटी, नौकरी, महंगाई के सवालों का सामना सरकार को न करना पड़े, इसलिए फिजूल के सवाल लोगों के मन में भरे जा रहे है।