झारखंड की सीमा पर डीबुडीह चेक पोस्ट पर बिहारी मजदूर विरोध प्रदर्शन किया कई संख्या में पश्चिम बंगाल 10 बस की संहिता से बिहारी मजदूर को घर वापसी की गई

बंगाल मिरर, रिक्की बाल्मीकि, सालानपुर:

riju advt

राज्य सरकार ने राज्य की सीमा पर फंसे सैकड़ों श्रमिकों को घर भेजने की व्यवस्था की है। पश्चिम बंगाल राज्य ने बसों की मदद से उनके स्वास्थ्य की जांच करने के बाद उन्हें वापस भेजने की पहल की  । लेकिन झारखंड सरकार द्वारा ऐसी कोई पहल नहीं देखी गई।

कई श्रमिक  झारखंड सीमा पर फंस गए हैं। विभिन्न विभिन्न  पश्चिम बंगाल राज्य में बिहारी मजदूर फंसे हुए हैं जहां मजदूर काम करते थे फैक्ट्री कोई दुकान कोई अपना मजदूर कर रहा था  अब उन लोगों की  खाने की भी  पूर्ति नहीं हो रही है जिनकी वजह से मजदूर अपने  घर की ओर अपने राज्य की ओर  वापस  जाने चाहते हैं कई दिनों से  झारखंड  और बंगाल की सीमा पर  झारखंड की सीमा पर  जो बंगाल मैं बिहारी  मजदूर  काम करते थे वह अपने घर जाने चाहते है  पर झारखंड  सीमा पर उन्हें जाने की अनुमति  नहीं दी गई उन्हें झारखंड में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई । झारखंड पुलिस ने कोई मानवीय पहल नहीं की है। कई संख्या में मजदूर झारखंड पुलिस के और प्रशासन के विरुद्ध नारा बाजी करने लगे मजदूर लोग  लेकिन ऐसी स्थिति में, कुछ मजदूर घर वापसी जाने के लिए साइकिल खरीद के उसी साइकिल से चलाकर अपने घर की ओर वापसी जाने चाहते थे पर वही मजदूर लोग परेशानी होती हुए क्योंकि उनके पास साइकिल होती है! क्योंकि साइकिलें नहीं ली जा सकतीं! जब वे घर लौटते हैं, तो उन्हें बस में अपनी साइकिल छोड़नी पड़ती है! साइकिल को उनके साथ नहीं ले जाया जा सकता है। उन्होंने मुझे बताया कि मैंने 3000/4000 रुपये की कीमत पर एक साइकिल खरीदी और इसे 100 रुपये में बेच दिया।

घर जाने के लिए कुछ भी करना पड़ता है! अंत में, आसपास के क्षेत्र के कुछ लोगों ने साइकिल लूट ली और चले गए साइकिल के के लिए एक भगदड़ तरह मच गए गई पश्चिम बंगाल की सरकार की सहायता से 10 बस दिए गए जिससे कई 385 मजदूर लोगों को अपने-अपने राज्य झारखंड बिहार यूपी राज्य में वापस भेजें गया कुल्टी के काउंसलर प्रेम नाथ साहू की ओर से मजदूरों लोगों को खाने की पैकेट और पानी की बोतल दी गई