कोलकाता से अपने पति के साथ भाग कर चित्तरंजन पहुँची कोरोना संक्रमित महिला

 बंगाल मिरर, रिक्की बाल्मीकि,  सालनपुर ः  चितरंजन की कोरोना संक्रमित महिला ड्रेसर कोलकाता के बीएम बिरला अस्पताल से आपमे पति के साथ भाग कर एम्बुलेंस से चित्ततंजन पहुँची। और तीन नम्बर गेट से अंदर घुसने की कोसिस की। लेकिन चिरेका प्रशासन, आरपीएफ ओर बंगाल पुलिस ने उन्हें रोक कर वापस दुर्गापुर के कोविड अस्पताल पहुचाया। बताया जा रहा है कि, बीती रात बिरला अस्प्ताल ने महिला को कोलकाता के कोविड अस्पताल बांगुर रेफर किया था। बांगुर अस्पताल ने महिला को भर्ती नही लेने का बहाना बनाकर उसे छोड़ दिया।

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 जिसके बाद महिला सीधे अपने पति के साथ एम्बुलेंस लेकर चित्तरंजन पहुँच गई। रात करीब 2 बजे महिला को एम्बुलेंस ने राँची मोड़ पर उतर दिया और फरार हो गया। जिसके बाद महिला और उसके पति पैदल 200 मीटर चलकर चित्तरंजन 3 नम्बर गेट तक पहुचे। जिसके बाद आरपीएफ ओर चिरेका प्रशासन ने महिला को रोका तब महिला ने कहा, मुझे कोई कोरोना नही हुआ है, मैं हार्ट की मरीज हु। इस बीच प्रशासन ने कोलकाता के अस्पताल से संपर्क किया लेकिन सब मोबाइल फोन ऑफ पाए गए। इसके बाद दुर्गापुर बेनाचीटि के एक कोविड अस्पताल से संपर्क किया गया और महिला और उसके पति को एम्बुलेंस, आरपीएफ की टीम, पीपीई किट पहनाकर वापस दुर्गापुर के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया। करीब 3 बजे भोर तक ये ड्रामा चलता रहा। बताया ये भी जा रहा है कि पास के डाबर मोड़ निवासी महिला अपने रिश्तेदार के यहां भी रुकने की कोसिस की लेकिन वहां ठहरने नही दिया गया। इस लापरवाही घटना ने रेल प्रशासन, की व्यवस्था और बंगाल के नीजि अस्पतालों की इस महामारी के दौरान व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए हैं। इस बीच महिला को लेकर आने वाले एम्बुलेंस को भी पुलिस की मदद से बुदबुद थाना की पुलिस ने पकड़ लिया है।