फोरम ऑफ युनाइटेड पैरेंट्स समिति द्वारा डीपीएस आसनसोल को ज्ञापन सौंपा गया

बंगाल मिरर, आसनसोल ः फोरम ऑफ युनाइटेड पैरेंट्स समिति के द्वारा दिल्ली पाब्लिक स्कूल,आसनसोल को एक ज्ञापन सौंपा गया जिसमें इस बात का ज़िक्र किया गया कि अभिभावकों के संग स्कूल प्रिंसिपल एवं आध्यापक, स्कूल मैनेजर  के साथ एक साझा बैठक हुई जिसमें दोंनो पक्षों को अपनी-अपनी बात रखने का मौका मिला । इस बैठक मे अभिभावक पक्ष से यह बात रखी गई कि अभी कारोना वाइरस के चलते लाकडाउन की अवस्था मे सभी की सैलरी, नौकरी, व्यापार प्रभावित हुये है जिसके कारण सभी की आर्थिक स्थिति मे बहुत असर पड़ा है जिस कारण स्कूल प्रंबधक को विचार करना चाहिए कि स्कूल फीस को कुछ कम कर सकें

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फाइल फोटो
फाइल फोटो, स्कूल में  विरोध जताते अभिभावक

। इस प्रस्ताव को हमनें स्कूल के समक्ष रखा । स्कूल प्रंबधन का कहना था कि हमलोग फीस कम नही कर सकते है स्कूल अभी नुकसान में चल रहा है ।  स्कूल प्रंबधन का ये भी कहना है कि फीस नही आने के वजह से हमनें 30% सभी स्टॉफ की सैलेरी मे कटौती की है । और स्कूल का ये भी कहना है अभी तक 80% पैरेंट्स ने फीस दे दिया है इसलिए बाकि जो पैरेंट्स बचे हैं  वो फीस दे दें। अभिभावकों का कहना है इस महामारी मे सिर्फ स्कूल ही नहीं सभी लोग प्रभावित हुये है नुकसान सिर्फ का स्कूल का नहीं बल्कि सभी लोगों का हो रहा है । सरकार के कितने क्षेत्र जो बंद पड़े है, भारतीय रेल की सेवा भी बाधित है,  प्राइवेट नौकरियां या तो जा रही है या तो वहां पर सैलरी का अभाव हो रहा है व्यवसाय की अवस्था भी बहुत ढीली है इस महामारी में सभी का नुकसान हो रहा है तो फिर स्कूल सिर्फ अपने फायदा के ही बारे मे क्यों सोच रही है । यदि सारा फीस स्कूल ले लेती है तो इस महामारी मे स्कूल को 30% अतिरिक्त मुनाफा होगा । अभिभावकों ने कहा हम सभी फीस देने के पक्ष मे परन्तु ट्युशन फीस मे 25% की कटौती होनी चाहिए और वार्षिक फीस जब स्कूल खुले तभी से दिन के अनुसार ( Pro-rata Basis) लें । जब हमारे बच्चों को सिर्फ ऑनलाइन क्लास की सुविधा मिल रही है जिसमें मात्र तीन क्लास होती है बाकी स्कूल के किसी भी सुविधा का लाभ अभी मिलना नहीं है, तो हम अतिरिक्त चीज़ो का पैसा क्यों दें? स्कूल से लिखित मे इसका जबाब   सात दिनों के अंदर मांगा गया हे । इस संबंध में स्कूल प्रबंधन से संपर्क न होने के कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका है।