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अमित शाह ने लिया बंगाल से टीएमसी को उखाड़ने का प्रण,तृणमूल के बागी शुभेंदु के साथ 10 विधायक भाजपा में आए

जय श्रीराम के उद्घोष के साथ ममता पर किए वार
शाह बोले- चुनाव तक दीदी अकेली होंगी

बंगाल मिरर, राज्य ब्यूरो, कोलकाता ः दो दिन के बंगाल दौरे पर गए अमित शाह शनिवार को मिदनापुर पहुंचे। यहां उनकी रैली के दौरान टीएमसी छोड़ चुके और ममता के खास रहे पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा का दामन थाम लिया। सांसद सुनील मंडल, पूर्व सांसद दशरथ तिर्की और 10 विधायक ने भी भाजपा जॉइन की है। इनमें 5 विधायक तृणमूल कांग्रेस के हैं। इस पर शाह ने कहा कि चुनाव आते-आते दीदी (ममता बनर्जी) अकेली रह जाएंगी।

शुभेंदु अधिकारी विधायकी छोड़ चुके हैं, हालांकि उनका इस्तीफा अब तक मंजूर नहीं हुआ है। अपने भाषण में शाह ने ममता बनर्जी को ही निशाने पर रखा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस महान भूमि को प्रणाम करता हूं, जहां शिक्षा शास्त्री ईश्वरचंद्र विद्यासागर और शहीद खुदीराम बोस का जन्म हुआ। 18 साल का लड़का हाथ में गीता लेकर हंसते-हंसते फांसी पर झूल गया। उनकी शहादत के बाद लोगों में खुदीराम की धोती पहनने की होड़ लग गई थी।

शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा का दामन थाम लिया


दूसरी पार्टियों के अच्छे लोग भाजपा से जुड़े

शाह ने कहा कि शुभेंदु की अगुआई में आज सभी अच्छे लोग भाजपा से जुड़े हैं। दीदी कहती हैं कि भाजपा दलबदल कराती हैं। दीदी जब कांग्रेस छोड़कर तृणमूल में आई थीं, वो क्या था। चुनाव आते-आते तृणमूल खाली हो जाएगी। जो हमारे साथ आ रहे हैं, वो मां-माटी-मानुष के नारे के साथ निकले थे। आपको 10 करोड़ बंगालियों का भविष्य नहीं दिखता। मैं बंगाल के किसानों को पूछना चाहता हूं कि मोदीजी जो 6 हजार रुपये दे रहे हैं, वो आपको क्यों नहीं मिल रहा। मोदी जी लोगों को आयुष्मान भारत योजना दे रहे हैं, ममता के रहते लोगों को ये नहीं मिल पाएगा। जब तक आप तृणमूल को उखाड़कर नहीं फेंक देते, 6 हजार नहीं मिलेंगे। मोदी जी जो भेजना चाहते हैं, वो लोगों को नहीं मिल रहा।

भाजपा 200 से ज्यादा सीटें जीतेगी

अमित शाह ने कहा कि ममता दीदी, इस बार चुनाव परिणाम आएं तो देख लेना भाजपा 200 से ज्यादा सीटें जीतेगी। बंगाल में टोल बाजी बढ़ गई। गुंडों को शरण दी जा रही है। मोदी जी ने जो अम्फान तूफान आने के बाद जो पैसे भेजे, वो गुंडों के पास चले गए। हमने अनाज भेजा, वो ममता के कार्यकर्ताओं के हिस्से में चला गया। हाल ही में हमारे पार्टी अध्यक्ष नड्डा जी की गाड़ी पर पथराव किया गया। दीदी, जितनी हिंसा करोगी, भाजपा कार्यकर्ता उतना तेज जवाब देगा। दीदी, पूरा बंगाल आपको हटाने के लिए खड़ा हुआ है।

मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि बंगाल के मजदूरों, किसानों, युवाओं की समस्याओं का समाधान मोदी जी सरकार ही कर सकती है। आपने तीन दशक कांग्रेस को मौका दिया। कम्युनिस्टों को 27 साल दिए। ममता को 10 साल दिए। हमें एक मौका दीजिए, बंगाल को सोनार बांग्ला बना देंगे।


ये विधायक भाजपा में शामिल हुए
तापसी मंडल, अशोक डिंडा, सुदीप मुखर्जी, सैकत पांजा, शीलभद्र दत्ता, दिपाली बिस्वास, शुक्र मुंडा, श्यांपदा मुखर्जी, बिस्वजीत कुंडू और बनाश्री मैती।

शुभेंदु ने खुली चिट्ठी लिखकर तृणमूल कार्यकर्ताओं को बतायी पार्टी छोड़ने की वजह


पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी ने आखिरकार चिट्ठी लिखकर अपने इस्तीफे के कारणों का खुलासा किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद शुभेंदु अधिकारी सबसे बड़े जनाधार वाले नेता हैं। हाल ही में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दिया है और अब भाजपा की राह पर हैं। इस बीच राज्य भर के तृणमूल कार्यकर्ताओं के मन में यह सवाल गूंज रहा था कि आखिर इतने बड़े नेता के साथ ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया है। अब शनिवार को सुबह अधिकारी की एक चिट्ठी सामने आई है जिसमें उन्होंने पार्टी छोड़ने के कारणों का उल्लेख किया है।

10 सालों में राज्य में कोई परिवर्तन नहीं हुआ

तृणमूल कार्यकर्ताओं के नाम लिखी खुली चिट्ठी में शुभेंदु ने कहा है कि पिछले 10 सालों में राज्य में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। तृणमूल में जो निचले स्तर के कार्यकर्ता थे उन्हें कोई अहमियत नहीं दी गयी। एक-एक कर जिन्होंने पार्टी को तैयार किया उन्हें भी दरकिनार कर दिया गया। जो लोग व्यक्तिगत स्वार्थ से पार्टी में आए थे वे आज पार्टी में महत्वपूर्ण बन गए हैं। अब बंगाल के लोगों को तय करना होगा कि वे क्या करेंगे।

आज हमें कठिन निर्णय लेना होगा। राज्य के विकास के लिए हमें अपना फैसला करना ही होगा। इसलिए मैंने पार्टी छोड़ी है। 10 साल तक सरकार में रहने के बाद भी आज द्वारे द्वारे सरकार जैसी योजना लागू करनी पड़ रही है। अब समय आ गया है कि हमें एक साथ होकर सड़कों पर उतरना होगा। उम्मीद करता हूं आप सभी लोग हमारे साथ रहेंगे। तीन दशक पहले आदर्श की जो लड़ाई मैंने शुरू की थी उसे आगे बढ़ाउंगा।

शहीद खुदीराम के घर पहुंचे अमित शाह, ममता के बाहरी वाले बयान पर कसा तंज

दो दिवसीय दौरे पर बंगाल पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को कोलकाता में स्वामी विवेकानंद के आवास पर श्रद्धांजलि देने के बाद पूर्व मेदिनीपुर पहुंचे हैं। वहां शहीद खुदीराम बोस के घर उनकी मौसी तथा अन्य परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा के नेताओं को बार-बार बाहरी कहने वाली ममता बनर्जी का नाम लिए बगैर उन्होंने तंज कसा।

शाह ने मेदिनीपुर में स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस के घर पहुंचने से पहले खुदीराम बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।उन्होंने कहा कि उन्हें शहीद खुदीराम बोस के जन्मस्थान की मिट्टी को कपाल पर लगाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बंगाल के अंदर जो ओछी राजनीति करते हैं, उन्हें मैं बताना चाहता हूं कि खुदीराम बोस जितने बंगाल के थे वे उतने ही पूरे भारत के थे। उन्होंने कहा कि पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जितने यूपी के थे उतने ही वे बंगाल के लिए थे। आज के दिन पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां को अंग्रेजों ने फांसी दी थी। आज के दिन उन्हें कम से कम देश के शहीदों के नाम पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।


सिद्धेश्वरी मंदिर में की पूजा

खुदीराम के परिवारवालों से मुलाकात के बाद अमित शाह सिद्धेश्वरी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने देवी की पूजा-अर्चना की। मां की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाए और पश्चिम बंगाल में बेहतरी की दुआ मांगी। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। यहां से शाह एक किसान के घर जाएंगे और उनके यहां ही दोपहर का भोजन करेंगे।

News Editor

Mr. Chandan | Senior News Editor Profile Mr. Chandan is a highly respected and seasoned Senior News Editor who brings over two decades (20+ years) of distinguished experience in the print media industry to the Bengal Mirror team. His extensive expertise is instrumental in upholding our commitment to quality, accuracy, and the #ThinkPositive journalistic standard.

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