Asansol इंजीनियरिंग कॉलेज परीक्षा अधिकारी को बर्खास्त करने की मांग, छात्र संघ द्वारा लगाए गए बैनर
बंगाल मिरर, आसनसोल : पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाला का मामला अभी थमा नहीं है। इसे लेकर सीबीआई और ईडी की जांच में कई नेता और अधिकारी जेल में बंद है। अब एसा ही के मामला आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज में सामने आया है। मालूम हो की आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज मौलाना अबुल कालम आजाद विश्वविद्यालय कोलकाता के अधीन है। इस समय कॉलेज में सेमेस्टर के परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा के नियुक्त किए गए परीक्षा अधिकारी की पुत्री आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ती है। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन की और से जारी गाइडलाइन के अनुसार जिसे भी विश्वविद्यालय परीक्षा अधिकारी नियुक्त करती है उसे खुद ही सात दिनों के अंदर बताना पड़ता है की उनके कोई भी रिश्तेदार उस परीक्षा में शामिल नहीं है और शामिल है तो उन्हें परीक्षा अधिकारी नियुक्त नहीं किया जाता है।














लेकिन आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज में परीक्षा अधिकारी नियुक्त होने के बाद इस जानकारी को विश्वविद्यालय से छिपा लिया। आरोप है की इस मामले की जानकारी आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल को भी थी लेकिन उन्होंने भी इस जानकारी को विश्वविद्यालय के साथ साझा नहीं किया।
इस मामले को लेकर तृणमूल छात्र संघ की और कॉलेज परिसर में विरोध किया गया की तत्काल परीक्षा अधिकारी को बर्खास्त किया जाये। इस मामले में आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल से संपर्क कर इस विषय पर जानकारी मांगने पर उन्होंने कहा की उन्हें अभी मालूम चला है और इसकी जांच की जाएगी। वही मौलाना अबुल कालम आजाद विश्वविद्यालय सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार उक्त शिक्षक पर अनुशासन और दंडनात्मक कारवाई हो सकती है। मालूम हो की इससे पहले भी जितनी परीक्षा कॉलेज में आयोजित की गई थी उसमे भी वही परीक्षा अधिकारी थे अब यह भी सवालों के घेरें में है।
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