Bageshwar Dham सरकार की शरण में पहुंचे Krishna Prasad
बंगाल मिरर, एस सिंह, आसनसोल : Bageshwar Dham सरकार की शरण में पहुंचे Krishna Prasad। बर्नपुर के फरीद आलम हत्याकांड के आरोपियों के साथ तस्वीरें वायरल होने के बाद आसनसोल के समाजसेवी कृष्णा प्रसाद ने अपनी सफाई दी और इसे उनके खिलाफ बड़ी साजिश करार दिया। अब वह इसके बाद बागेश्वर धाम सरकार यानि की आचार्य धीरेन्द्रकृष्ण शास्त्री जी की शरण में पहुंच गये हैं। उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं।















कृष्णा प्रसाद के करीबियों का मानना है कि उन्हें फंसाने के लिए यह साजिश रची गई है। क्योंकि वह पिछले कुछ समय से पुन: सक्रिय राजनीति में भाजपा के लिए कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही वह माफियाराज और हत्याकांडों के खिलाफ लगातार आवाज बुलंद कर रहे थे। इस कारण उन्हें बैकफुट पर धकेलने के लिए यह सब साजिश के तहत किया जा रहा है। वहीं कृष्णा प्रसाद भी दावा कर चुके हैं वह सिर्फ कुंदन सिंह को जानते हैं, जिसके साथ वह जमीन के कारोबार को लेकर मिले थे। अब सच क्या है इसका पता पुलिस लगा रही है। माना जा रहा है कि कृष्णा प्रसाद पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी की जा रही है।
कौन है समाजसेवी व्यवसायी कृष्णा प्रसाद
आसनसोल के व्यवसायियों में सबसे अधिक सामाजिक सक्रियता कृष्णा प्रसाद की रही है। इस समय वे भाजपा के सक्रिय नेता है और उनका दावा है कि आम जनता की अनुशंसा पर आगामी संसदीय चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे तथा जीत कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथ को मजबूत करेंगे। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने तारापीठ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए थे। लेकिन विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिलने से उन्हें काफी निराशा हुई थी। इसके बाद वे कुछ समय के लिए निष्क्रिय हो गये थे। लेकिन इस समय फिर से पूरी शक्ति से वे सक्रिय हो गये हैं। हाल ही में भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप दे के साथ अपने आवास में देर रात पंचायत चुनाव पर बैठक का दावा करते हुए कृष्णा प्रसाद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसके बाद भाजपा तथा तृणमूल के स्तर से इस पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई थी। दरअसल कृष्णा प्रसाद का व्यवसाय कोयला तथा अन्य खनिजों की ट्रांसपोर्टिंग में सुरक्षा से लेकर लिफ्िंटग तक उनका कारोबार है। उनका दावा है कि सिर्प कोयला क्षेत्र में उनके 2000 से अधिक कर्मचारी सक्रिय हैं, जिन्हें तृणमूल की प्रताड़ना के कारण नौकरी खोना पड़ा है। उनका कहना है कि वे पूरे देश में रियल स्टेट तथा अन्य व्यवसाय में निवेश कर रहे हैं। गौरतलब है कि कृष्णा प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस में बार-बार चैलेंज में भी किया है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया तो वह भी कार्रवाई के लिए तैयार है।
कृष्णा प्रसाद का समाजसेवा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान रहा है। वह प्रत्येक हजारों लोगों को सहायता सामग्री प्रदान करते हैं। बीते कुछ महीनों से समाजसेवा के साथ ही मंदिरों को जीर्णोद्धार का कार्य कर रहे थे। इसके साथ ही आसनसोल में बागेश्वर धाम मंदिर का निर्माण और बागेश्वर धाम सरकार को लाने की तैयारी में भी जुटे हैं।

