ASANSOL

Uttarkashi Tunnel Accident : सुरंग में फंसे मजदूरों के लिए के लिए कौन बनेगा Capsule Gill, ECL से भी मदद मांगी

बंगाल मिरर, आसनसोल : उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढहने से 9 दिनों से फंसे करीब 40 श्रमिकों को बचाने के लिए कोयला मंत्रालय के निर्देश पर कोल इंडिया निदेशक ने ईसीएल से संपर्क किया. और इस मामले में 1989 में रानीगंज के महाबीर कोलियरी में कई सौ फीट नीचे खदान के अंदर फंसे 65 श्रमिकों को 3 दिन बाद कैसे बचा लिया गया था उस अनुभव के बारे में जानकारी ली गई  कि सुरंग का पुनर्निर्माण कैसे किया गया और कैप्सूल को नीचे कैसे उतारा गया और इसे करने के लिए किस ड्रिल मशीन का उपयोग किया गया या ड्रिल मशीन कहां से आई। 

ईसीएल के तकनीकी निदेशक नीलाद्रि राय  ने कहा कि मैंने उन्हें सारी बातों की जानकारी देने के साथ ही सोमवार को आसनसोल में इस विशेष ड्रिल मशीन की आपूर्ति करने वाली निजी कंपनी से बात करने की भी व्यवस्था की है. बाकी काम कोल इंडिया या कोयला मंत्रालय करेगा. कर्मी पहले ही उत्तरकाशी पहुंच चुके हैं

गौरतलब है कि उत्तर काशी में निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा रविवार, 12 नवंबर की सुबह ब्रह्मखाल और यमुनोत्री के राष्ट्रीय राजमार्ग पर ढह गया। सिद्धियारा और डंडालगांव के बीच एक सुरंग का निर्माण किया जा रहा है जो चारधाम परियोजना का हिस्सा है। सुरंग बनने से उत्तरकाशी से यमुनोत्री धाम की दूरी 26 किमी कम हो जाएगी। करीब 200 मीटर का क्षेत्र ढहने से 40 मजदूर अंदर फंसे हुए हैं। इन चालीस लोगों में पश्चिम बंगाल के कूचबिहार आरामबाग समेत कई इलाकों के तीन लोग हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा समेत अन्य इलाकों के मजदूर हैं. पश्चिम बंगाल के वो तीन परिवार भी चिंतित हैं. स्थानीय प्रशासन से लेकर इंटरनेशनल टनल एसोसिएशन के अधिकारी उन्हें मलबे के नीचे से सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे हैं। इस बार इस रेस्क्यू में ईस्टर्न कोल्डफील्ड से भी मदद मांगी गई है.

Social Share or Summarize with AI

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *