ASANSOL

राष्ट्रीय अंगदान सखी मधु डुमरेवाल को “राष्ट्रीय विशेष सहयोग पुरस्कार” एवं राष्ट्रीय प्रकल्प प्रमुख ” सुशीला फरमानिया को सम्मेलन रत्न ” की उपाधि

अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के 21वें राष्ट्रीय अधिवेशन ” तमसो मा ज्योतिर्गमय ”

बंगाल मिरर, आसनसोल: अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के 21वें राष्ट्रीय अधिवेशन ” तमसो मा ज्योतिर्गमय ” मे पश्चिम बंगाल, आसनसोल शाखा से मधु डुमरेवाल, सम्मेलन की राष्ट्रीय अंगदान सखी को “राष्ट्रीय विशेष सहयोग पुरस्कार” एवं राष्ट्रीय प्रकल्प प्रमुख ” सुशीला जी फरमानिया को सम्मेलन रत्न ” की उपाधि से सम्मानित किया गया। आसनसोल शाखा अध्यक्ष निधि पसारी को पर्यावरण विशेष कार्य पुरस्कार मिला। पश्चिम बंगाल प्रांतीय अध्यक्ष बबिता बगडिआ को सर्वश्रेष्ठ प्रांतीय अध्यक्ष, पिंकी धानुका को सर्वश्रेष्ठ प्रांतीय सचिव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सत्र 2024-26 की पश्चिम बंगाल प्रांतीय अध्यक्ष विनीता अग्रवाल को बैच लगाकर सम्मानित किया गया।


यह राष्ट्रीय अधिवेशन २९ – ३० मार्च २०२४ को पारसनाथ जैन तीर्थ स्थल के श्री सम्मेद जी शिखर मे संपन्न हुआ। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि अंतराष्ट्रीय  तैराक प्रभा राकेश भैया, लेखिका व्यंजना जी आनंद, राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरा बथवाल, राष्ट्रीय सचिव रूपा अग्रवाल, अग्रवाल सम्मेलन के कई वरिष्ठ भाई एवं पूरे भारतवर्ष के २० प्रांतों से आयी करीब १००० से अधिक बहनों की उपस्तिथि रही। राष्ट्रीय अध्यक्षा ने अंगदान प्रकल्प के तहत हुए अंगीनत कार्यों की भूरी भूरी प्रशंसा की। इन २ वर्षों के सत्र मे अंगदान के तहत कई तरीके से अङ्दान जागरूकता अभियान चलाये गये। जैसे अंगदान फॉर्म भरवाना, वेबिनार एवं सेमिनार द्वारा जानकारी, अंगदान क्विज, बैनर एवं पोस्टर के माध्यम से जागरूकता फैलाना, काव्य गोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, अंगदान मेहंदी प्रतियोगिता, कविता प्रतियोगिता, टीशर्ट, छते, टोपी, बोरी पर स्लोगन लिखकर वितरण करना, रंगोली प्रतियोगिता। विकलांगों की सेवा के तहत जगह जगह कृत्रिम हाथ पाँव शिविर करना, व्हील चेयर, हाथ रिक्सा वितरण किया। विकलांग पार्वतरोही …. को २ लाख की नकद सेवा राशि से उनके अभियान मे सहयोग किया।

करीब 135000 लोगों को ग्रीन रिब्बोन लगाकर पूरे राष्ट्र से बहनों ने ” आल इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” मे सम्मेलन का नाम दर्ज किया। कुल १२४ व्यक्तियों ने अङ्गदान फॉर्म भरे, ३ मृत व्यक्ति के अंगदान हुए।  अंग प्रत्यंग को सुरक्षित एवं स्वस्थ रखने के उद्देश्य से समय समय पर निःशुल्क योग शिविर, योग ट्रेनर स्वाती जी जैन के सहयोग से करवाया गया। सम्मेलन की राष्ट्रीय नेत्र, देह, अंग एवं रक्तदान प्रमुख सुशीला जी फरमानिया द्वारा मार्गदर्शन एवं यह मंच प्रदान करने तथा इस सेवा कार्य का अवसर देने के लिए आभार धन्यवाद।

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