ASANSOL-BURNPUR

SAIL ISP 1,359 करोड़ कैश कलेक्शन

“दिसंबर 2025 की ऐतिहासिक उपलब्धि: सेल का कैश कलेक्शन, आत्मनिर्भर भारत की ठोस बुनियाद”

बंगाल मिरर एस सिंह : दिसंबर 2025 भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है। देश की अग्रणी इस्पात निर्माता Steel Authority of India Limited (सेल) ने कैश कलेक्शन के मोर्चे पर वह कर दिखाया है, जो न केवल वित्तीय दक्षता का प्रमाण है, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की सामर्थ्य, अनुशासन और सामूहिक श्रम-शक्ति की भी पुष्टि करता है।

दिसंबर माह में 11 हजार करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य को पार करते हुए 11,688.5 करोड़ रुपये का कैश कलेक्शन—यह आंकड़ा अपने आप में एक कीर्तिमान है।*यह उपलब्धि अचानक नहीं आई। इसके पीछे महीनों की रणनीतिक योजना, उत्पादन में निरंतर सुधार, बाजार की सटीक समझ, समयबद्ध वसूली और सबसे महत्वपूर्ण—सेल के हर कर्मचारी का समर्पण और परिश्रम शामिल है। यह सफलता बताती है कि जब नेतृत्व की दिशा स्पष्ट हो और जमीनी स्तर पर अमल मजबूत हो, तो सार्वजनिक क्षेत्र भी निजी कंपनियों से कम नहीं, बल्कि कई बार उनसे आगे निकल जाता है।

“कैश कलेक्शन: केवल आंकड़ा नहीं, भरोसे का प्रमाण”

*कैश कलेक्शन किसी भी कंपनी की वित्तीय सेहत का आईना होता है। बिक्री करना एक बात है, लेकिन समय पर वसूली सुनिश्चित करना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण। दिसंबर 2025 में सेल ने यह साबित किया कि वह केवल उत्पादन और बिक्री में ही नहीं, बल्कि वित्तीय अनुशासन और प्रबंधन में भी अग्रणी है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्टील की स्थिर मांग का लाभ उठाते हुए, सेल ने अपने नेटवर्क, वितरण प्रणाली और भुगतान चक्र को इस तरह संतुलित किया कि लक्ष्य से अधिक संग्रह संभव हो सका।यह भी उल्लेखनीय है कि वैश्विक स्तर पर स्टील बाजार में अस्थिरता, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक चुनौतियों के बावजूद यह उपलब्धि हासिल की गई।

इसका सीधा अर्थ है—जोखिम प्रबंधन, दूरदर्शी निर्णय और जमीनी अमल में मजबूती।*भिलाई, बोकारो और राउरकेला: उत्पादन के साथ वसूली में भी अव्वल*रिपोर्ट के अनुसार, कैश कलेक्शन में Bhilai Steel Plant ने 2,988 करोड़ रुपये के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। भिलाई का यह प्रदर्शन बताता है कि कैसे परंपरा, तकनीकी कौशल और आधुनिक प्रबंधन का संगम किसी इकाई को शिखर पर पहुंचा सकता है। इसके ठीक बाद Bokaro Steel Plant ने 2,723 करोड़ रुपये का संग्रह कर दूसरा स्थान प्राप्त किया—जो पूर्वी भारत के औद्योगिक परिदृश्य में बोकारो की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।Rourkela Steel Plant ने 2,244 करोड़ रुपये का योगदान देकर यह साबित किया कि नवाचार, उत्पाद विविधता और बाजार-उन्मुख सोच किस तरह स्थायी परिणाम देती है। इन तीनों संयंत्रों का प्रदर्शन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि यह पूरे सेल परिवार के लिए प्रेरणा है।

अन्य इकाइयों का सशक्त योगदान: सामूहिक सफलता की कहानी*

दिसंबर 2025 की इस उपलब्धि में अन्य इकाइयों का योगदान भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। Durgapur Steel Plant से 1,117 करोड़ रुपये, IISCO Steel Plant से 1,359 करोड़ रुपये, Salem Steel Plant से 170 करोड़ रुपये, Alloy Steel Plant से 47 करोड़ रुपये और Visvesvaraya Iron and Steel Plant से 21 करोड़ रुपये का कैश कलेक्शन दर्ज हुआ।इसके अतिरिक्त, NMDC ने 1,019 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण योगदान देकर यह स्पष्ट किया कि कच्चे माल की उपलब्धता और खनन क्षेत्र में मजबूती किस तरह इस्पात उद्योग की रीढ़ बनती है। यह सामूहिक प्रदर्शन दर्शाता है कि सेल की सफलता किसी एक इकाई की नहीं, बल्कि पूरे संगठन की साझा जीत है।

आईएसपी बर्नपुर: 1,359 करोड़ का ‘लाजवाब’ प्रदर्शन

आईएसको स्टील प्लांट, बर्नपुर का 1,359 करोड़ रुपये का कैश कलेक्शन विशेष उल्लेख के योग्य है। यह आंकड़ा केवल आर्थिक योगदान नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्टता की मिसाल है। उत्पादन, गुणवत्ता, बिक्री और वसूली—हर मोर्चे पर आईएसपी ने यह साबित किया कि वह सेल की मजबूत कड़ी है। बर्नपुर के कर्मचारियों, अधिकारियों और प्रबंधन की टीमवर्क भावना इस उपलब्धि के केंद्र में रही।

*रणनीति, अनुशासन और बाजार की समझ*

सेल प्रबंधन के अनुसार, दिसंबर माह की सफलता के पीछे तीन प्रमुख स्तंभ रहे—*स्थिर मांग:* घरेलू बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में संतुलित मांग।*समयबद्ध वसूली:* डिजिटल सिस्टम, सख्त फॉलो-अप और पारदर्शी प्रक्रियाएं।*वित्तीय अनुशासन*: लागत नियंत्रण, कार्यशील पूंजी का बेहतर प्रबंधन और जोखिम का संतुलन।इन स्तंभों ने मिलकर कैश कलेक्शन को लक्ष्य से आगे पहुंचाया और आने वाले निवेश व विकास योजनाओं के लिए मजबूत आधार तैयार किया।*नए साल की दहलीज पर: कर्मचारियों और प्रबंधन को बधाई*आईएसको ऑफिसर्स’ एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुशील कुमार सुमन ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे सेल परिवार और विशेष रूप से आईएसपी के कर्मचारियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उनके शब्दों में, “यह नया साल हमारे सेल कर्मचारियों और प्रबंधन की सुरक्षा के साथ किए गए कठोर परिश्रम का प्रतिफल है। यह संग्रह हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता, अनुशासन और विश्वास का प्रमाण है।”यह संदेश केवल औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि उस भावना की अभिव्यक्ति है, जो सार्वजनिक क्षेत्र को जीवंत रखती है—जहां नेतृत्व और श्रमिक एक साझा लक्ष्य के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं।*आगे की राह: निवेश, विस्तार और आत्मनिर्भरता*कैश कलेक्शन लक्ष्य से अधिक होने का सीधा लाभ यह है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति और सुदृढ़ हुई है। इससे न केवल चल रही परियोजनाओं को गति मिलेगी, बल्कि नई तकनीकों, हरित इस्पात, क्षमता विस्तार और मानव संसाधन विकास में निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे। यह उपलब्धि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को भी मजबूती देती है, जहां सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां आर्थिक विकास की धुरी बनती हैं।

*सार्वजनिक क्षेत्र की सामर्थ्य का उत्सव*

दिसंबर 2025 का यह कीर्तिमान केवल एक महीने की कहानी नहीं है; यह वर्षों के परिश्रम, सुधारों और विश्वास का परिणाम है। सेल ने यह साबित कर दिया है कि सार्वजनिक क्षेत्र यदि संकल्पित हो, तो वह किसी भी लक्ष्य को पार कर सकता है। यह उपलब्धि हर सेल कर्मचारी, अधिकारी और प्रबंधन सदस्य की है—और यह नए वर्ष के लिए एक सशक्त, सकारात्मक और प्रेरणादायी संदेश भी।नए साल की शुरुआत इस ऐतिहासिक सफलता के साथ होना, निश्चय ही आने वाले समय में और ऊंचे लक्ष्य तय करने का साहस देता है। सेल जिंदाबाद, श्रम की शक्ति जिंदाबाद।

News Editor

Mr. Chandan | Senior News Editor Profile Mr. Chandan is a highly respected and seasoned Senior News Editor who brings over two decades (20+ years) of distinguished experience in the print media industry to the Bengal Mirror team. His extensive expertise is instrumental in upholding our commitment to quality, accuracy, and the #ThinkPositive journalistic standard.

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