Raniganj बचाने की पुकार: निर्माण पर रोक और ओसीपी माइनिंग के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग
बंगाल मिरर, रानीगंज: शहर के अस्तित्व को बचाने और स्थानीय निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए आज ‘रानीगंज बचाओ मंच’ के बैनर तले एक विशाल विरोध प्रदर्शन और धरने का आयोजन किया गया। मारवाड़ी अस्पताल के सामने आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर विशेष समाजसेवी एवं उद्योगपति आरपी खेतान, डॉ एसके बसु समेत तमाम बुद्धिजीवी वर्ग के लोग उपस्थित थे।














प्रमुख मांगें और विवाद की जड़
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से दो प्रमुख मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की है:निर्माण कार्य पर लगी रोक को हटाना: प्रदर्शनकारियों की मांग है कि रानीगंज शहर के भीतर नए मकान बनाने और किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर लगाए गए प्रतिबंध को तत्काल वापस लिया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रोक के कारण आम जनता अपने घरों की मरम्मत तक नहीं कर पा रही है, जिससे उनके रहने का अधिकार प्रभावित हो रहा है।
ओपन कास्ट माइनिंग (OCP) का विरोध: मंच ने आरोप लगाया कि शहर के चारों ओर जिस तरह से ओपन कास्ट माइनिंग का विस्तार किया जा रहा है, वह रानीगंज के भूगोल को नष्ट कर देगा। निवासियों को डर है कि अनियंत्रित खनन से शहर धंस सकता है और भविष्य में उन्हें विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है।
“शहर का अस्तित्व खतरे में”
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ प्रशासन विकास की बात करता है, तो दूसरी तरफ शहर के लोगों को अपने घरों में सुधार करने से रोका जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन जनविरोधी नीतियों को जल्द ही रद्द नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।चुनावी माहौल में गरमाया मुद्दा2026 के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह केवल एक विरोध नहीं बल्कि शहर के अस्तित्व की लड़ाई है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर रानीगंज को उजाड़ने नहीं देंगे।

