शिल्पांचल में साहित्यिक और सांस्कृतिक पत्रिका न्यूज प्रहर की शुरुआत
मौजूदा समय में पत्र-पत्रिकाओं के लिए भी बड़ा संकट बंगाल मिरर, सुजीत बाल्मीकि, आसनसोल: जब से कोविड-19 की महामारी फैली
Read MoreThink Positive
शिल्पांचल के साहित्यकारों का अपना मंच
मौजूदा समय में पत्र-पत्रिकाओं के लिए भी बड़ा संकट बंगाल मिरर, सुजीत बाल्मीकि, आसनसोल: जब से कोविड-19 की महामारी फैली
Read More“नूतन साहित्य कुञ्ज” हमारे लिए एक प्राणवंत साहित्यिक संस्था है। मेरा परिचय इस संस्थासे महज डेढ़ – दो वर्षों का
Read Moreबंगाल मिरर, आसनसोल ः सोमवार को मशहूर शायर अलम्मा इकबाल की जयंती उर्दू दिवस के रूप में मनाई गई। आसनसोल
Read Moreप्रकाश चन्द्र बरनवाल‘वत्सल’ आसनसोल माँ दुर्गा की हुई बिदाई, हृदय जगा गईं विश्वास।महिषासुर जैसे प्रतिनिधि का, कभी मत करना विश्वास।।
Read Moreविषय :- नवरात्रिविधा :- गद्य लेखन प्रकाश चन्द्र बरनवाल‘वत्सल’ आसनसोल की ✍ एक पौराणिक कथा के अनुसार एक नज़र में
Read Moreनौ रूपों में दुर्गा माँ की, प्रतिरूप बनी है कन्या।चरण पखार सब, पूजन करती, देवी स्वरूपा कन्या।।सदियों से यह प्रथा
Read MoreBy feature desk यात्रा वृत्तान्त आज से कोई पन्द्रह वर्ष पूर्व की एक रेल (TRAIN) यात्रा का संस्मरण आज मन
Read Moreजीवन में नित, उद्भाषित सुविचार हो।भारतीयता, का दर्शन व्यवहार हो।राष्ट्र एक है, सात्विक यही विचार हो।मातृभूमि के, प्रति पावन –
Read Moreबंगाल मिरर, आसनसोल : आसनसोल रविन्द्र भवन के निकट बन रहे अतिथि गृह का नाम ”सूर्यकांत त्रिपाठी निराला भवन ” किये जाने के मेयर जीतेन्द्र तिवारी
Read Moreप्रस्तुत है दो ‘मुक्तक’ आजादी का अर्थ समझ में तब आया।जब घर में कर कैद विवशता ने समझाया।क्यों करते अनाचार
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