स्वस्थ शरीर हमारी सबसे बड़ी पूंजी है

बंगाल मिरर, दलजीत सिंह, रानीगंज: रानीगंज के कॉलेज बस्ती मैं रहने वाले धीवर  परिवार के द्वारा विगत 25 वर्षों से गठिया, बात, अर्थराइटिस रोग से मुक्ति दिलाने के लिए रविवार की सुबह रोगियों को केले में दवाई मिलाकर खिलाई जाती है   l

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धीवर परिवार की बहू रिंकी धीवर ने बताया कि उनके ससुर  स्वर्गीय दिलीप धीवर 30 वर्षों तक गठिया रोग से ग्रस्त लोगों को केले में दवाई खिलाकर इस रोग से मुक्ति दिलाते थे ससुर के निधन होने के पश्चात पिछले 10 वर्षों से वे लोगों को यह दवाई खिलाकर जोड़ों का दर्द एवं बात रोग से मुक्ति दिलवा रही है  lआश्चर्य की बात यह है कि नई टेक्नोलॉजी का युग में पढ़े लिखे लोग भी इस बस्ती में आकर अपना इलाज करवाते हैं,  रिंकी  ने  बतलाया की शनिवार के दिन रोगी को दवाई के लिए केला एवं अगरबत्ती देकर जाना पड़ता है एवं रविवार की सुबह खाली पेट रोगी को रिंकी मनसा मां की पूजा करती है उसके पश्चात वह दवाई मरीज को खिलाती है या दवाई सिर्फ एक बार ही खाने की होती है एवं पूरी जिंदगी इस रोग से छुटकारा मिल जाता है पूरी जिंदगी उस रोगी को कटहल, केला, आमडा एवं मछली खाने पर प्रतिबंध रहता है दूरदराज इलाकों से भी लोग यहां दवाई खाने आते हैं दवाई के लिए शुल्क की कोई डिमांड नहीं है  इलाके के कई लोगों ने बताया कि वहां से दवाई खाने से कई लोगों की जोड़ों का दर्द ठीक हो गया है खासकर मजदूर वर्ग जो आर्थिक रूप से कमजोर है एवं चिकित्सक के पास जाने में असमर्थ हैं ऐसे लोगों की संख्या यहां ज्यादा देखी जाती है l रिंकी ने बताया कि मां मनसा की कृपा से उनके परिवार को वरदान मिला है कि रोगियों को दवा खिलाकर उनके गठिया रोग को पूरा समाप्त किया जा सके एवं पूरे विश्वास के साथ लोग यहां आते हैं l