डीपीएस में अभिभावकों ने जताया विरोध

बंगाल मिरर, राहुल तिवारी, आसनसोल ः लॉकडाउन के दौरान दिल्ली पाबिल्क स्कूल के अभिभावक स्कूल प्रबंधक से भेंट करने के  लिये इकट्ठा हुये थें । स्कूल द्वारा आंनलाइन क्लास करवाई जा रही थी । शनिवार दोपहर 2 बजे के करीब सभी क्लास ग्रुप मे एक मैसेज आता है जिनका जिनका स्कूल और वार्षिक फीस बाकी है वो अभिभावक जल्द से जल्द फीस जमा कर दे अन्यथा आपके बच्चों को पीरियोडिक टेस्ट मे हिस्सा नही लेने दिया जायेगा । उसके बाद स्कूल प्रंबधक रविवार को एक अलग ग्रुप बनाते है जिसमे जिन अभिभावकों ने फीस दिया उनके बच्चों का आॅनलाइन क्लास दिया जायेगा  और जिनका फीस नही आया उन्हें आॅनलाइन क्लास की सुविधा नहीं दी जायेगी। सोमवार को स्कूल ने इस योजना को लागू कर दिया गया । स्कूल प्रबंधक ने किसी भी अभिभावक को इसकी सुचना नही दी जिसके कारण अधिकांश  छात्र-छात्राओं को शिक्षा से वंचित रहना पड़ा । जब सभी अभिभावकों को इसकी जानकारी मिली तब सभी ने मिलकर स्कूल प्रंबधक से मिलने का निश्चय किया । आज सभी अभिभावक स्कूल मे एक ज्ञापन लेकर गये थे परन्तु प्रिंसिपल नही होने कारण स्कूल कार्यालय के कर्मचारी ने ज्ञापन लिया और स्वीकार कर एक कापी स्टाम्प मारकर दे दिये । उसके बाद अभिभावक ने आग्रह किया हमे कुछ बात करनी है तो स्कूल के केयर टेकर ने अभिभावकों से बात की । अभिभावकों ने पूछा की स्कूल प्रंबधक बिना जानकारी के अचानक बच्चों को शिक्षा से कैसा वंचित किया गया और यह नियोजन किसकी देखरख में की गई । जिनका फीस मिले उनकी शिक्षा और जिनका फीस नही मिले उनको शिक्षा से वंचित ये कैसा शिक्षा मंदिर में भेदभाव ।

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स्कूल के तरफ से बताया गया ये निर्णय स्कूल ने नही लिया बल्कि टीचर्स के यह निर्णय है ।
जब अभिभावकों ने इसे लिखित में मांगा परन्तु उन्होंने ने कुछ भी नही दिया । उनका कहना था फीस नही आ रही है तो हम कैसे अपने स्टाफ, टीचर को पैसे दें ।
अभिभावकों का कहना है हभसभी फीस देने को तैयार है परन्तु कोरोना वाइरस की वैश्विक महामारी आई हुई है और  पूरा विश्व इसके चपेट में आया है । आर्थिक स्थिति से सभी जूझ रहे है व्यापार ठप है, सैलेरी मे कटौती हो रही है कहीं- कहीं  तो नौकरियां भी जा रही है ऐसी स्थिति मे स्कूल प्रंबधक को विचार करना चाहिए । अभिभावकों की मांग है सबसे पहले जिन बच्चों को आंनलाइन क्लास से वंचित किया गया है उन्हें तुरंत यह सुविधा प्रदान की जायें ।
दूसरा वार्षिक फीस नहीं लिया जाये ।
तिसरा क्वाटर फीस मे 50% कटौती की जायें .
जहां स्कूल मे 7-8 पीरियड होती थी अभी सिर्फ 3  पीरियड होते है।
स्कूल के दौरान बच्चों को सभी सुविधा मिलती थी तो अभिभावक सभी फीस देते थे । परन्तु अभी सभी सुविधा नही है उसी अनुसार उन्हें फीस तय करनी चाहिए । एसी फस्ट क्लास का पैसा लेकर जर्नल क्लास मे सवारी करवायेगा ये कैसे मुमकिन है ।
अंततः स्कूल ने समय मांगा है इसका निर्णय लेने के लिए ।
अभिभावकों ने कहा आप समय लीजिये परन्तु आंनलाइन क्लास कल ही चालू करियें ।
इसी बीच सभी अभिभावकों की सहमति से बहुत जल्द गार्जियन फोरम बनाने की सहमति बनीं ।