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सीबीआई से छिपता फिर रहा विनय मिश्रा पहुंचा हाईकोर्ट के द्वार

मवेशी व कोयला तस्करी मामले में है फरार

बंगाल मिरर, एस सिंह(क्राइम रिपोर्टर),कोलकाता। भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र में मवेशियों की तस्करी और गैरकानूनी तरीके से कोयला खनन मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से छिपता फिर रहा विनय मिश्रा अब खुद के बचाव के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय पहुंचा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाने वाला मिश्रा पिछले कई महीनों से फरार है और सीबीआई ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। उसकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई है तथा उसके भाई विकास मिश्रा को गिरफ्तार किया जा चुका है। मिश्रा ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और इस मामले में सभी आरोपों को खारिज करने की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार, यह मामला आज जस्टिस जॉय सेनगुप्ता की एकल पीठ में आया। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 31 मार्च की तारीख तय की है। कोयला तस्करी मामले में विनय मिश्रा की संपत्ति को जब्त करने के लिए ईडी पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। बार-बार समन के बावजूद उपस्थित नहीं होने पर युवा तृणमूल नेता के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। कुछ दिन पहले ईडी ने भगोड़े विनय की तलाश करते हुए उसके भाई विकास मिश्रा को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।

विनय मिश्रा के खिलाफ कोयला व मवेशी तस्करी के अवैध रैकेट को पैसे की एवज में प्रशासनिक मदद पहुंचाने और आर्थिक लेन देन को संचालित करने का आरोप है। पूछताछ से पता चला है कि विनय 16 सितंबर, 2020 की रात सात बजे देश छोड़कर भाग गया था। उसने कोलकाता से सीधे दुबई के लिए उड़ान भरी। हालांकि, वर्तमान में यह ज्ञात नहीं है कि विनय किस देश में छिपा हुआ है। हालांकि, विनय के वकील नियमित रूप से अदालत का दौरा करते हैं। सीबीआई सूत्रों ने बताया है कि मिश्रा की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और कोर्ट के आदेशानुसार कार्रवाई होगी।‌

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