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कोरोना मरीजों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन्स

बंगाल मिरर, विशेष संवाददाता :  भारत में अब कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामले लगातार कम हो रहे हैं। मई में जहां रोजाना 4 लाख के आसपास नए केस आ रहे थे, तो वहीं अब यह संख्या घटकर एक लाख के आसपास पहुंच गई है। ऐसे में केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के डायरेक्‍टरेट जनरल ऑफ हेल्‍थ सर्विसेज ने बिना लक्षण या हल्‍के लक्षण वाले कोरोना मरीजों के इलाज के लिए संशोधित गाइडलाइंस जारी की है। इसके तहत एंटीपाइरेटिक और एंटीट्यूसिव को छोड़कर अन्‍य सभी दवाओं के सेवन से सम्बन्धित गाइडलाइन जारी की हैं। इस गाइडलाइन में कहा गया है कि मधुमेह के प्रत्येक रोगी को मधुमेह आधारित आहार शुरू करना चाहिए और साथ ही साथ रोगी, आहार चार्ट में बताए गए समय और मात्रा का सख्ती से पालन करे, इसकी सुनिश्चितता भी होनी चाहिए। https://www.mohfw.gov.in/pdf/GuidanceNeartoHomeCovidVaccinationCentresforElderlyandDifferentlyAbledCitizens.pdf

गाइडलाइन में बताई गईं महत्वपूर्ण बातें

1) स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से 27 मई को जारी की गई संशोधित गाइडलाइंस के तहत बिना लक्षण व हल्‍के लक्षण वाले मरीजों के इलाज के लिए डॉक्‍टरों की ओर से दी जाने वाली हाइड्रॉक्‍सीक्‍लोरोक्‍वीन, इवरमेक्टिन, डॉक्सीसाइक्लिन, जिंक, मल्‍टीविटामिन और अन्‍य दवाओं को बंद कर दिया है। इस प्रकार के मरीजों को बुखार के लिए एंटीपायरेटिक और सर्दी जुकाम के लक्षण वाले मरीजों को एंटीट्यूसिव ही दी जाएगी। 2) नई गाइडलाइन में डॉक्‍टरों को मरीजों के गैर जरूरी टेस्‍ट बंद करने के लिए भी कहा है, जिसमें सीटी स्‍कैन भी शामिल है। 3) गाइडलाइंस में कोरोना मरीजों और उनके परिजनों को एक-दूसरे से फोन या वीडियो कॉल के जरिये सकारात्‍मक बातें करने और एक-दूसरे से जुड़े रहने का भी सुझाव दिया गया है। 4) इसमें यह भी कहा गया है कि जो गैर लक्षणी मरीज हैं, उनके लिए कोई दवाई न बताई गई है, बशर्ते वे किसी दूसरी बीमारी से ग्रसित ना हों। जो हल्‍के लक्षण वाले मरीज हैं, उन्‍हें खुद से ही बुखार, सांस लेने में तकलीफ और ऑक्‍सीजन लेवल की निगरानी करने को कहा गया है। पौष्टिक आहार पर दिया गया है जोर स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अभी कोरोना का खतरा पूरी तरह से नहीं टला है, जिस वजह से सभी नागरिकों को मास्क का उपयोग करना चाहिए। साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना चाहिए। इसके अलावा पौष्टिक आहार पर भी जोर दिया गया है, ताकि इम्यून सिस्टम को मजबूत कर कम दवाओं का सेवन कर मरीज ठीक हो सकें।

ठीक प्रकार से चुना जाए वैक्सीन लगाने का स्थल

गाइड लाइन में बताया गया है कि वैक्सीन लगाने वाले सत्र स्थल को इस तरह से चुना और व्यवस्थित किया जाना चाहिए, जिसमें व्हीलचेयर, बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी और शौचालय की सुविधा सहित बुजुर्गों और अलग-अलग विकलांग नागरिकों के प्रवेश और निकास की सुविधा हो। वैक्सीनेशन के समय दिव्यांग लाभार्थियों को देखभाल करने वाले/परिवार के सदस्य के साथ अंदर जाने की अनुमति दी जा सकती है। लाभार्थियों को टीकाकरण स्थल पर मार्गदर्शन करने के लिए सुविधाओं में संकेत भी सुनिश्चित किए जाने चाहिए। साथ ही साथ श्रवण और दृष्टिबाधित लोगों के लिए उचित सहायता प्रदान की जानी चाहिए।

सूक्ष्म नियोजन

टीकाकरण सत्र के लिए सूक्ष्म योजना तैयार करने की जिम्मेदारी प्रखंड/शहरी टास्क फोर्स की होगी। टीकाकरण के लिए कम से कम 20-30 और अधिकतम 100-120 लाभार्थियों के लिए एक टीम बनाई जाएगी। यदि एक दिन में 100-120 से अधिक लाभार्थियों को एक साइट पर टीका लगाया जाना है, तो दूसरी टीकाकरण टीम को तैनात किया जा सकता है। इसके अलावा जिला/शहरी टास्क फोर्स योजना की समीक्षा करेगी और मानव संसाधन, वैक्सीन परिवहन व्यवस्था और अन्य रसद की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। ब्लॉक/शहरी टास्क फोर्स टीकाकरण के लिए पर्याप्त जागरूकता और दृश्यता सुनिश्चित करेगी।

कोविड से स्वस्थ होने की दर बढ़कर 93.94 प्रतिशत पर पहुंची

कोविड-19 संक्रमण से उबरने वाले लोगों की तादाद अब धीरे-धीरे बढ़ रही है। देश में पिछले चौबीस घंटों में कोविड संक्रमण के लगभग एक लाख नए मामले आए हैं, जो कि पिछले 61 दिनों की तुलना में सबसे कम हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान 1,74,399 लोग कोविड से उबरे हैं। देश में लगातार 11वें दिन दो लाख से कम नए मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं लगातार 25वें दिन नये मामलों की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या अधिक रही। इन्हीं कारणों से संक्रमण से ठीक होने की दर बढ़कर 93.94 प्रतिशत हो गई है। https://twitter.com/drharshvardhan/status/1401782081382801410

कुल सक्रिय मामले कुल पॉजिटिव मामलों का महज 4.85 प्रतिशत

भारत में सक्रिय मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। देश में कुल सक्रिय मामलों की संख्या दूसरे दिन भी 15 लाख से नीचे बनी हुई है। वहीं सात दिनों से लगातार यह 20 लाख के मार्क से नीचे बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में कोविड मामलों में कुल 76,190 की गिरावट दर्ज की गई। देश के कुल सक्रिय मामले कुल पॉजिटिव मामलों का महज 4.85 प्रतिशत हैं।

महामारी के खिलाफ लड़ाई में टीकाकरण सबसे शक्तिशाली उपाय

कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई में टीकाकरण सबसे शक्तिशाली उपाय है। केन्‍द्र सरकार राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदेशों को लगातार टीकों की खुराक उपलब्‍ध करा रही है, ताकि अधिक से अधिक संख्‍या में लोगों का टीकाकरण हो सके। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत लोगों को 23.27 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। इसके तीसरे चरण के तहत, देश भर में तेज गति से विभिन्‍न आयुवर्ग के लोगों के टीकाकरण की प्रक्रिया चल रही है।

भारत सरकार ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को अब तक 24 करोड़ से अधिक खुराक उपलब्ध कराई

भारत सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्रशासित क्षेत्रों को मुफ्त श्रेणी और राज्यों द्वारा सीधी खरीद के माध्यम से कोविड टीके की 24 करोड़ से अधिक खुराक प्रदान की है। इसमें से आज सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार कुल 23 करोड़ से अधिक खुराकों की खपत हो चुकी है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पास अब भी टीके की 1.49 करोड़ से ज्यादा खुराक उपलब्ध हैं जिन्हें दिया जाना बाकी है।

दैनिक पॉजीटिविटी दर 14वें दिन भी लगातार 10 प्रतिशत से कम रहा

सक्रिय मामलों की संख्या और घटकर 14,01,609 रह गई है। देश भर में 2,71,59,000 मरीज संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। कोविड संक्रमण के परीक्षण के काम में तेजी आई है और अब तक कुल छत्तीस करोड़ साठ लाख परीक्षण किए जा चुके हैं। एक तरफ देश में जांचों को बढ़ाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ पॉजिटिविटी में लगातार गिरावट नजर आ रही है। दैनिक पॉजीटिविटी दर आज 6.34 प्रतिशत रही। यह 14वें दिन भी लगातार 10 प्रतिशत से कम पर कायम रहा। यह केंद्र और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सतत प्रयास और सहयोग से मुमकिन हो सका है।

News Editor

Mr. Chandan | Senior News Editor Profile Mr. Chandan is a highly respected and seasoned Senior News Editor who brings over two decades (20+ years) of distinguished experience in the print media industry to the Bengal Mirror team. His extensive expertise is instrumental in upholding our commitment to quality, accuracy, and the #ThinkPositive journalistic standard.

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