ASANSOL-BURNPUR

SAVE FSNL COMMITTEE का गठन, निजीकरण के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन

बंगाल मिरर, एस सिंह, बर्नपुर :  SAVE FSNL COMMITTEE कल शाम इंटक बर्नपुर के कार्यालय में इसे लेकर एक मीटिंग की गई जहा सभी ने “SAVE FSNL COMMITTE” बना कर सरकार के इस निर्णय के विरुद्ध लड़ने का निर्णय लिया है। आज सभी FSNL  के कर्मचारी ने अपने कार्यस्थल में निर्णय के खिलाफ इंटक की शाखा फेरो स्क्रैप परमानेंट एंप्लॉय यूनियन के बैनर तले जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन के अध्यक्ष  हरजीत सिंह ने कहा की साल 2007 में सरकार द्वारा गठित शुक्ला कमिटी जिसमे फेरो स्क्रैप लिमिटेड का विनियोग और प्राइवेटाइजेशन नही करने का सुझाव रखा था जिसे दरकिनार कर केंद्र सरकार मजदूर विरोधी, आम जनता विरोधी निर्णय लेकर बड़े बड़े उद्योपतियों को कोउडियो के दाम इस कंपनी को बेचने पर उतारू है।

कल वो दिल्ली जाकर सरकार के निर्णय के खिलाफ सभी जरूरी मंच, मंत्री, अधिकारी तक अपनी बात पहुंचाएंगे और फेरो स्क्रैप जैसी कंपनी को बचाने का प्रयास करेंगे, और इस सरकार के खिलाफ जोरदार आंदोलन करेंगे।जैसा की आप सभी जानते होंगे फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड एक लाभ अर्जित करने वाली पब्लिक सेक्टर कंपनी है, सेल एवम स्टील प्लांट के साथ कारोबार करती है और एमएमटीसी(MMTC Ltd) की एक उपक्रम है, जो वर्तमान में 300 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में हैं, इसके बावजूद केंद्र सरकार ने इस कंपनी के प्राइवेटाइजेशन करने का निर्णय लेकर इसके अस्तित्व के साथ साथ सैकड़ो स्थाई एवम अस्थाई कर्मी का भविष्य बर्बाद करने जा रही है

।साल 2019 से इंटक इसके प्राइवेटाइजेशन के निर्णय का विरोध हर मंच , सरकार,स्टील मंत्री, स्टील सेक्रेट्री, मैनेजमेंट से करता रहा , राज्यसभा सांसद प्रदीप भट्टाचार्य की ने इसको लेकर स्टील मंत्री ए कर बार बात भी की।लेकिन ये मजदूर विरोधी केंद्र सरकार और उसकी मैनेजमेंट कल 5 अप्रैल को इसके प्राइवेटाइजेशन को लेकर टेंडर निकलने की घोषणा की है। SAVE FSNL COMMITTEE इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेगी।

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Mr. Chandan | Senior News Editor Profile Mr. Chandan is a highly respected and seasoned Senior News Editor who brings over two decades (20+ years) of distinguished experience in the print media industry to the Bengal Mirror team. His extensive expertise is instrumental in upholding our commitment to quality, accuracy, and the #ThinkPositive journalistic standard.

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