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SAIL Bonus : यूनियन-प्रबंधन के फॉर्मूले के बीच कर्मियों की मांग मिले बराबर का हक

बंगाल मिरर, बर्नपुर : SAIL Bonus : यूनियन-प्रबंधन के फॉर्मूले के बीच कर्मियों की मांग मिले बराबर का हक। सेल में कार्यरत 50 हजार से अधिक कार्मिकों के लिए बोनस तय करने को कल बैठक होगी। इसके पहले एक ओर प्रबंधन का फॉर्मूला तो दूसरी ओर यूनियनों का फॉर्मूला को लेकर रस्साकशी चल रही है। वहीं कर्मियों की मांग है कि कंपनी के लाभ में उन्हें भी अधिकारियों की तरह बराबरी का हक मिले। वहीं कुछ आक्रोशित कर्मी लगातार अधिकारियों और प्रबंधन पर भी निशाना साध रहे हैं। 

इसी बीच प्रबंधन की ओर से बोनस को लेकर एक फॉर्मूला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसके अनुसार कर्मचारियों को 16 हजार बोनस का कैलकुलेशन किया जा रहा है। जिसे लेकर कर्मी भड़क गये है और यूनियनों को खुली चेतावनी दी है कि 45 हजार से कम पर साइन किये तो उनकी खैर नहीं है। वहीं कुछ कर्मी फैसला न होने पर हड़ताल बुलाने का आह्वान कर रहे हैं। वहीं कल शाम बीएमएस के राउरकेला प्लांट शाखा द्वारा वर्चुअल क्लास कर बोनस का फार्मूला दिखाया गया। जिसमेंप्रत्येक कर्मी को 45 हजार रुपये मिलने का कैलकुलेशन समझाया गया। लेकिन कर्मियों का कहना यह राशि पीबीटी का लगभग 2 फीसदी ही हो रही है। जबकि अधिकारियों को 5 फीसदी मिल रहा है। वहीं सेल में हर चार कर्मचारी पर एक अधिकारी है। उत्पादन और लाभ में कर्मियों को भी अधिकारियों की तरह ही 5 फीसदी दिया जाये।

गौरतलब है कि पिछली बार हुई बैठक में प्रबंधन 26 हजार रुपये बोनस देने पर राजी हुआ था, जबकि यूनियनें 45 हजार की मांग कर रही थी।जिसके कारण बोनस पर फैसला न होने से सेल कर्मियों का दुर्गोत्सव बिना बोनस के ही मना। अब दीपावली और छठ सामने है। वेतन के पैसे से तो किसी तरह दुर्गापूजा बीत गई। लेकिन इन दोनों त्यौहारों में खर्च भी अधिक होता है। अब इसके पहले बोनस को लेकर क्या फैसला होता है कल की बैठक में या फिर नई तारीख मिलती है इस पर सभी कि निगाहें टिकी हुई हैं।

SAIL Bonus नीचे पढ़ें सोशल मीडिया पर शेयर किये जा रहे कुछ संदेश

याद रखे पिछला पाँच साल मिलाकर सेल कर्मचारियो को मात्र 77000 रुपया ही बोनस मिला है ।
वही अगर फॉर्मुला रहता तो सिर्फ 2021 मे ही अधिकतम 49000 रुपया मिलता ।
अगले दस सालो मे सिर्फ नन् एक्स का 26000 रिटायरमेंट है ।
लाभ मे प्रतिशत हिस्सेदारी तथा घटता मैनपावर प्रत्येक साल बोनस की राशी बढ़ायेगा ।
याद रखे कंपनी को घाटा होते ही कुछ नही देगा
जो कि आप हम सभी 2015— 2019 तक चुरन बोनस
, वेज रीविजन मे (एरियर) तथा रुकी हुई सुविधाओ के रुप मे देख चुके है ।
इसलिए अधिकारियो के पैटर्न पर ही टिके रहे

किसी भी कम्पनी में बोनस फार्मूला चार मानको को लेकर बनाया जाता है

  1. शुद्ध मुनाफा ( Net profit /PAT )
  2. लाभप्रदता ( Profitability )
  3. उत्पादकता ( Productivity )
  4. सुरक्षा ( Safety )

इस साल 2022 में बोनस शुद्ध मुनाफा का 2.5% मिलना चाहिए ।
शुद्ध मुनाफा (2021-2022)=12015 (PAT) करोड़ रूपये ।

शुद्ध मुनाफा का 2.5% = 300.37 करोड़,अब इसमें प्रोफिटेबिलिटी की राशि 85 करोड़ एवं प्रोडक्टिविटी की राशि 35 करोड़ को जोड़ दे तो कुल बोनस राशि =420.37 करोड़ होगा ।

एक जुन 2022 तक कर्मियो की संख्या 50775 प्रति कर्मी औसत राशी –

420.37 करोड़ ÷50775= 82,790/-रूपये

अब इसमे से 2021-22 मे मिले इंसेटिव रिवार्ड की राशि को घटा दिजिए फिर एक्चुअल बोनस फॉर्मुले के तहत
निकल जायेगा !

जुनियर कर्मी औसतन इंसेटिंव रीवार्ड 600-800 वही सिनियर कर्मी 1500-1800 रुपया मिल रहा है । (अनुमान पर
आधारित)

औसतन अगर पुरे साल 12000 रुपया इंसेंटिव मिला हो तो बोनस 82790-12000 = 70,790/- रुपया प्रति कर्मचारी बोनस बैठता है ।

News Editor

Mr. Chandan | Senior News Editor Profile Mr. Chandan is a highly respected and seasoned Senior News Editor who brings over two decades (20+ years) of distinguished experience in the print media industry to the Bengal Mirror team. His extensive expertise is instrumental in upholding our commitment to quality, accuracy, and the #ThinkPositive journalistic standard.

2 thoughts on “SAIL Bonus : यूनियन-प्रबंधन के फॉर्मूले के बीच कर्मियों की मांग मिले बराबर का हक

  • सेल के गैर कार्यकारी उनके हक का बोनस प्रति साल net profit*(Pat),profitability ,productivitiy,safety के अनुसार 5 प्रतिसत मिलना चाहिए।

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