Asansol : पार्किंग संचालकों ने लगाया करोड़ों का चूना, अब खुली नींद
बंगाल मिरर, आसनसोल : आसनसोल नगरनिगम को बीते दो साल से पार्किंग संचालक चूना लगा रहे हैं। अब जाकर निगम प्रशासन की नींद खुली है। निगम प्रशासन द्वारा शहर में पार्किंग संचालकों को सात दिनों के अंदर पार्किंग जोन खाली करने को कहा जा रहा है। इसके लिए माइकिंग कराई जा रही है। जिसके बाद से पार्किंग संचालकों में खलबली मची हुई है। उल्लेखनीय है कि विरोधी दलों द्वारा पहले भी पार्किंग के नाम पर घोटाले के आरोप लगाये गये हैं। जिसके बाद मेयर बिधान उपाध्याय ने आश्वासन दिया था कि सबकुछ पारदर्शिता के साथ होगा। जिसके बाद लच्छीपुर स्थित पार्किंग के संचालन का जिम्मा फिर से पुराने संचालकों को ही सौंप दिया गया है।














इसके बाद अब नगरनिगम की तैयारी है कि शहर में जो भी पार्किंग जोन है, उसका जिम्मा पहले अपने हाथों में लेकर टेंडर प्रक्रिया करने की है। जबतक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, नगरनिगम खुद कर्मियों के माध्यम से पार्किंग का संचालन कर शुल्क वसूलेगी। वर्तमान समय में दो पार्किंग जोन जिसका मामला हाईकोर्ट में लंबित है, उसे छोड़कर सभी बीते दो साल से निगम को बिना शुल्क दिये ही चल रहे हैं। वहीं पार्किंग संचालकों पर नगरनिगम का लाखों रुपये बकाया है। इनमें से अधिकांश किसी न किसी राजनेता के शागिर्द है। जिसके कारण नगरनिगम बकाया राशि की वसूली भी नहीं कर पा रहा है।
इस परिस्थिति को देखते हुए निगम प्रशासन ने पार्किंग अपने हाथों में लेने का फैसला किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नगरनिगम अपने उद्देश्य में सफल हो पाती है, यहां नगरनिगम को वर्षों से चूना लगाने वाले फिर से सांठगांठ कर चूना लगाते रहेंगे।
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Is the administration taking any action to control the unhindered growth of e rickshaw, in Asansol. They are becoming a big nuisance for the traffic. Neither they follow any rules, no licence is required and most drivers are young, rude and abusive.
Some regulation is required to regulate them.