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SAIL Production – Productivity Meeting : 32 एमटी लक्ष्य पाने पर जोर, कार्मिकों के मुद्दों पर चर्चा नहीं, भड़का आक्रोश

बंगाल मिरर, एस सिंह, बर्नपुर : ( SAIL BONUS Meeting ) सेल में कार्यरत करीब 50 हजार  कार्मिकों इस वर्ष बोनस मद में कितनी राशि मिलेगी। इसके लिए अभी इंतजार करना होगा।  सेल प्रबंधन ने उत्पादन और उत्पादकता संबंधित बैठक आज दिल्ली में बुलाई गई थी। । जिसमें  एनजेसीएस में शामिल सभी यूनियन नेता भी शामिल हुए। बैठक निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे विलंब से शुरू हुई। इस दौरान प्रबंधन ने कंपनी के 32 एमटी लक्ष्य पाने का रोडमैप रखा।  यूनियनों की ओर से कार्मिकों के संबंधित पांच सूत्री मांगों को प्रबंधन ने दरकिनार करते हुए अगले सप्ताह इससे संबंधित बैठक करने की बात कही है।

SAIL PAY REVISION NEWS

बताया जाता  है कि बैठक में सेल के शीर्ष प्रबंधन ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस बैठक में श्रमिकों के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं होगी। प्रबंधन ने अब तक के उत्पादन और वित्तीय हालत रखा। वहीं 32 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के लिए सहयोग की अपील की। अंत में शाम करीब साढ़े 6 बजेबैठक समाप्त हुई। जिसके बाद यूनियन नेता होटल वापस लौट आये। इधर सोशल मीडिया पर कार्मिक अपना आक्रोश जता रहे हैं। सेल के चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश, वित्त निदेशक अनिल कुमार तुलस्यानी और कार्मिक निदेशक केके सिंह मौजूद थे तथा अन्य प्लांटों के निदेशक प्रभारी वर्चुअली शामिल हुए थे

SAIL Bonus अभी करना होगा इंतजार

प्रबंधन सूत्रों के अनुसार इस बार 26 से 30 हजार के बीच बोनस की राशि होने की संभावना है। पिछले वित्त वर्ष में सेल को 16 हजार करोड़ का कर पूर्व लाभ हुआ था। इसलिए 28 हजार रुपये बोनस के साथ 12500 का इंसेटिव दिया गया था। लेकिन 2022-23 में कंपनी का लाभ 2600 करोड़ कर पूर्व है। अब देखना है कि सेल कर्मियों को कितनी बोनस पर सहमति बनती है। संभावना है कि इस बार पूजासे पहले कर्मियों के खाते में राशि भेज दी जायेगी।

वहीं अधूरे वेतन समझौता को लेकर सेल कर्मी पहले ही आक्रोशित हैं।  बकाया एरियार, नाइट अलाउंस एवं अन्य भत्तों को लेकर भी मामला लंबित है, पिछले वर्ष सेल में कार्यरत  कार्मिकों के  बोनस को लेकर काफी विवाद हुआ था। जिसके बाद 40 हजार 500 बोनस पर सहमति बनी थी। सेल कर्मियों को दो किस्तों में बोनस का भुगतान किया गया था। बोनस के तौरपर₹28000 और 12500 कंपनी के प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिया गया था। वही जो ट्रेनी को  ₹33000 बोनस दिया गया था। इसमें 26 हजार बोनस और ₹7000 प्रोत्साहन राशि थी।

बैठक को कर्मचारी भद्दे मजाक की तरह देख रहे हैं : ललित मोहन मिश्रा

सीटू से संबंध स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव ललित मोहन मिश्रा ने कहा कि 5 अक्टूबर 2023 को नई दिल्ली में आयोजित सेल उत्पादन उत्पादकता बैठक की रिपोर्ट बैठक शुरू होने से पहले श्रमिक समूह के प्रतिनिधियों ने अलग से मुलाकात की। चर्चा के माध्यम से वेतन संशोधन, भत्तों, एचआरए और रात्रि पाली भत्ते आदि पर 39 महीने के बकाया भुगतान, वेतन वृद्धि से संबंधित श्रमिकों के लंबे समय से लंबित मुद्दों को सुलझाने में उनकी अहंकारी उपेक्षा के बजाय निष्क्रियता के खिलाफ प्रबंधन को विरोध व्यक्त करने पर सहमति व्यक्त की गई। ठेका श्रमिकों, आरआईएनएल श्रमिकों के लिए वेतन वृद्धि का कार्यान्वयन न करना और बोनस भुगतान को अंतिम रूप देना आदि।

संयुक्त बैठक में सेल के प्रदर्शन के संबंध में जो दस्तावेज वितरित किये गये, उनमें स्पष्ट रूप से बेहतर प्रदर्शन एवं उत्पादकता दर्शायी गयी है। प्रबंधन ने उत्पादन और वित्तीय प्रदर्शन पर डिजिटल पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण शुरू करने का प्रयास किया।

लेकिन श्रमिक समूह ने जोरदार हस्तक्षेप कर यह बात बता दी

1. सेल ने 2022-23 में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है और यह केवल अनुबंध श्रमिकों सहित श्रमिकों के समर्पित योगदान के कारण है।

2. फिर भी प्रबंधन लंबे समय से लंबित वैध मुद्दों को सुलझाने में अहंकारपूर्ण उपेक्षा दिखा रहा है

श्रमिकों में ठेका श्रमिक भी शामिल हैं।

3. ऐसे में उत्पादन-उत्पादकता पर होने वाली इस बैठक को कर्मचारी भद्दे मजाक के तौर पर देख रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. 4. श्रमिक समूह प्रबंधन से कम से कम निम्नलिखित को सुलझाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग करता है

समस्याएँ

ए) वेतन संशोधन पर 39 महीने के बकाया का भुगतान बी) प्रबंधन द्वारा प्रतिबद्ध भत्ते जैसे रात्रि पाली भत्ते, एचआरए आदि में वृद्धि

सी) प्रबंधन द्वारा प्रतिबद्ध अनुबंध श्रमिकों के लिए वेतन वृद्धि डी) आरआईएनएल के श्रमिकों के लिए वेतन वृद्धि का तत्काल कार्यान्वयन

ई) सामर्थ्य की दलील पर एनजेसीएस में जो भी सहमति हुई है, उसमें से पेंशन योगदान में एकतरफा कटौती को वापस लेना; पिछले समझौते के उल्लंघन में ग्रेच्युटी लाभ की एकतरफा कटौती को भी वापस लेना।

एफ) बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए पिछले वर्ष की तुलना में उच्च स्तर पर बोनस भुगतान को तत्काल अंतिम रूप देना।



उपरोक्त के अलावा, सीटू ने दृढ़ता से बताया कि सामर्थ्य आदि की दलील पर एनजेसीएस द्वारा सहमत लाभों में एकतरफा कटौती प्रबंधन द्वारा खेला जा रहा एक खतरनाक खेल है जो बातचीत के समझौते को अर्थहीन बना रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. सीटू द्वारा यह भी बताया गया कि यह ठेकेदार श्रमिकों सहित श्रमिकों का योगदान था जो उद्योग को जीवित रखे हुए है और इसके लगातार उच्च प्रदर्शन को सुनिश्चित कर रहा है। लेकिन प्रबंधन द्वारा एकतरफा कटौती के लिए केवल श्रमिकों के अधिकारों और लाभों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसे किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। यह भी मांग की गई कि एक बेंचमार्क/बॉटमलाइन होनी चाहिए जिसके नीचे नियमित जनशक्ति में गिरावट की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हमने प्रबंधन से उपरोक्त सभी मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया।

इसके बाद, प्रबंधन ने प्रदर्शन पर कुछ प्रस्तुति दी, हालांकि वे सब कुछ अपने साथ नहीं लाए थे। लेकिन हमारे आग्रह के बावजूद प्रबंधन ने अपने अहंकार का प्रदर्शन करते हुए किसी भी मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
संयुक्त संघर्ष ही हमारे सामने एकमात्र रास्ता है। आइये हम भी इसकी तैयारी करें।

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